अंबेडकरनगर जनपद में मिठाई की दुकानें और मिठाई निर्माण इकाइयाँ बिना मानकों के संचालन कर रही हैं। न साफ-सफाई की व्यवस्था, न लेबिलिंग का पालन और न ही उत्पादन तिथि दर्ज — इसके बावजूद खाद्य सुरक्षा विभाग आंख मूंदे बैठा है।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कई दुकानों पर प्रयोग होने वाला खोया, रंग, एसेंस और अन्य सामग्री घटिया गुणवत्ता की है।
कुछ मैन्युफैक्चरिंग यूनिट तो बिना किसी पंजीकरण के भी संचालित हो रही हैं। इसके बावजूद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने अब तक न कोई सैंपलिंग की प्रक्रिया तेज की और न ही छापेमारी की।खास बात यह है कि विभाग के पास पहले से ही एक्सपीरियंस और डाटा मौजूद है, फिर भी किसी कार्रवाई के संकेत नहीं। सवाल ये उठता है कि जब सब कुछ सामने है, तो फिर चुप्पी क्यों?
क्या विभाग की ये चुप्पी मिलीभगत का संकेत नहीं देती?ऐसे में यह शिथिलता जनस्वास्थ्य पर बड़ा खतरा बन सकती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस लापरवाही पर कब जागता है या फिर कोई बड़ी अनहोनी का इंतज़ार कर रहा है?





