ईरान युद्ध से उत्पन्न एलपीजी आपूर्ति संकट से निपटने के लिए सरकार पीएनजी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। इसके तहत पीएनजी कनेक्शन धारकों को अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने होंगे और नए क्षेत्रों में पीएनजी अनिवार्य होगी।
लखनऊ। ईरान युद्ध से बने हालात के चलते एलपीजी आपूर्ति के संकट से निपटने के लिए सरकार पीएनजी का उपयोग बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसके तहत पीएनजी कनेक्शन धारकों को एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने होंगे। वहीं जिन क्षेत्रों में पीएनजी नेटवर्क से आपूर्ति हो रही है, वहां के निवासियों को भी इसका कनेक्शन लेना होगा। केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद अब खाद्य एवं रसद विभाग ने इस संबंध में सूचना जारी की है।
विभाग के अनुसार भारत में घरेलू पीएनजी का पर्याप्त स्टाक है और इसकी उपभोक्ताओं को 24 घंटे सातों दिन आपूर्ति हो रही है। पीएनजी की आपूर्ति बढ़ाने के लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 24 मार्च को पेट्रोलियम उत्पाद वितरण (पाइप लाइनों और अन्य सुविधाओं को बिछाने, निर्माण, संचालन और विस्तार के जरिए) के लिए अधिसूचना जारी की गई थी।
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने इस पर प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं को पाइपलाइन के माध्यम से पीएनजी की आपूर्ति कराने के लिए प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए 12 सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क कंपनियों द्वारा अधिकांश जिलों में आवासीय क्षेत्रों में पाइपलाइनें बिछा दी गई हैं और औसतन 2000 नये कनेक्शन प्रतिदिन निर्गत किये जा रहे हैं।
भारत सरकार की अधिसूचना के अनुसार पीएनजी और घरेलू एलपीजी दोनों ही कनेक्शन रखने वाले को अपने घरेलू एलपीजी कनेक्शन वापस (सरेंडर) करना होगा। पीएनजी कनेक्शन रखने वाला काेई भी व्यक्ति सरकारी तेल कंपनी या उनके वितरकों के माध्यम से न तो घरेलू एलपीजी कनेक्शन प्राप्त करेगा और न ही घरेलू एलपीजी सिलिंडरों का रिफिल लेगा।
जहां-जहां पाइपलाइन बिछ गई हैं और आपूर्ति हो सकती हे, वहां के उपभोक्ताओं को घरेलू पीएनजी उपभोक्ता बनने के लिए सीजीडी कंपनियों द्वारा रजिस्टर्ड पोस्ट या स्पीड पोस्ट से संदेश भेजकर अनुरोध किया जा रहा है। इसकी प्रति संबंधित क्षेत्र की सभी तेल विपणन कंपनियों सहित उनके एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स को उपलब्ध कराई जा रही है। व्यवस्था के तहत तेल कंपनियों द्वारा ऐसे उपभोक्ताओं को बताया जा रहा है कि सूचना की तारीख से तीन महीने बाद संंबंधित पते पर एलपीजी की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।





