ICICI बैंक के शेयर मजबूत Q1 नतीजों के बाद 1% से अधिक उछल गए। ब्रोकरेज फर्मों ने बैंक की हायर लोन ग्रोथ और बेहतर एसेट क्वालिटी के चलते शेयरों पर ‘BUY’ कॉल के साथ खरीदने की सलाह दी है।
देश के दिग्गज प्राइवेट बैंक ICICI बैंक लिमिटेड के शेयर 1 फीसदी से ज्यादा उछल गए। शेयरों में यह तेजी बेहतर तिमाही नतीजों के बाद आई है। हैरानी की बात है कि देश का सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक, HDFC बैंक Q1 रिजल्ट के बाद 5 फीसदी तक टूट गया, एक्सिस बैंक भी 5 प्रतिशत और कोटक महिंद्रा बैंक भी 3 फीसदी तक गिर गया है।
ICICI बैंक ने वित्त वर्ष की पहली तिमाही के जो नतीजे जारी किए, वे मार्केट की उम्मीदों से बेहतर रहे। ब्रोकरेज फर्मों ने बैंक के सेक्टर में सबसे ज़्यादा लोन ग्रोथ, मज़बूत मार्जिन और अच्छी एसेट क्वालिटी का हवाला देते हुए बैंक के शेयरों के लिए ‘बुलिश’ (तेज़ी की) राय दोहराई, जिससे स्टॉक में बढ़त देखी गई।
ब्रोकरेज के टारगेट और राय
- नोमुरा ने ICICI बैंक के शेयर पर ‘बाय’ रेटिंग बनाए रखी है और इसका टारगेट प्राइस ₹1,700 तय किया है। इसका मतलब है कि शुक्रवार की क्लोजिंग कीमत से इसमें लगभग 18 प्रतिशत की बढ़त हो सकती है।
- बर्नस्टीन ने 1,550 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘मार्केट परफॉर्म’ रेटिंग बनाए रखी है। ब्रोकरेज ने जून तिमाही के प्रदर्शन को शानदार बताया और कहा कि ICICI बैंक ग्रोथ और मुनाफ़े, दोनों मामलों में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला बड़े प्राइवेट सेक्टर का बैंक बनकर उभर रहा है।
- घरेलू ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लीलाधर ICICI बैंक को लेकर पॉजिटिव है और अपनी रिसर्च रिपोर्ट में इस स्टॉक के लिए ₹1850 के टारगेट प्राइस के साथ ‘खरीदने’ की सलाह दी है।
- प्राइवेट सेक्टर के बैंकों पर अपनी रिपोर्ट में मॉर्गन स्टेनली ने कहा कि ICICI बैंक ने अपने साथियों के मुकाबले सबसे ज़्यादा लोन ग्रोथ दर्ज की है। साथ ही, बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन में बढ़ोतरी और फीस से होने वाली कमाई में मज़बूत बढ़त पर भी ज़ोर दिया।
कैसे रहे Q1 रिजल्ट
- ICICI बैंक का Q1 में स्टैंडअलोन नेट प्रॉफ़िट सालाना आधार पर 15.95% बढ़कर ₹14,804.5 करोड़ हो गया।
- बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 12.7% बढ़कर ₹24,384.35 करोड़ हो गई।
- बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन पिछली तिमाही के 4.32% से बढ़कर 4.36% हो गया, जबकि एसेट क्वालिटी मज़बूत बनी रही।
- बैंक का ग्रॉस NPA रेश्यो 30 जून, 2026 तक सुधरकर 1.38 प्रतिशत हो गया, जो मार्च के आखिर में 1.40 प्रतिशत और एक साल पहले 1.67 प्रतिशत था।
- नेट NPA रेश्यो 0.35 प्रतिशत रहा, जबकि पिछली तिमाही में यह 0.33 प्रतिशत और एक साल पहले 0.41 प्रतिशत था।





