साहित्यकारों की मनोहारी चित्र प्रदर्शनी ने मन मोहा
इटावा। एच एम एस इस्लामिया इण्टर कॉलेज के सभागार में हिन्दी दिवस समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रपति सम्मान से अलंकृत साहित्यकार डा.पदम सिंह यादव पद्म ने कहा कि देश को जोड़ने की क्षमता केवल हिन्दी में है। उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक हिन्दी समझी जाती है वह भारतीय भाषाओं की सेतु का काम करती है।
विशिष्ट अतिथि गीतकार डा.राजीव राज ने कहा कि उन्हें बहुत गौरव तब हुआ जब अपनी ताशकंद यात्रा के दौरान रूसी लोगों ने नमस्ते का अभिवादन किया। दोनों ही अतिथियों ने काव्य पाठ किया और खूब तालियां बटोरी।इससे पूर्व प्रधानाचार्य गुफरान अहमद ने कहा कि हिन्दी भारतीयता की पहचान है।
आज दुनियां के अधिसंख्य देशों में हिन्दी पाठ्यक्रम में है।इस्लामिया इण्टर कॉलेज के प्रबंधक मुहम्मद अल्ताफ ने कहा कि हिन्दी ऐसी सहज भाषा है जिसमें अपनी मन की बात स्वाभाविक रूप से कही जा सकती है।
कालेज के हिन्दी शिक्षक समी उद्दीन जुबैरी के निर्देशन में हिन्दी वंदना बच्चों ने प्रस्तुत की।अनेक विद्यार्थियों ने भी विचार व्यक्त किए।स्वागत उप प्रधानाचार्य साकिब अली खां,चीफ प्राक्टर मुहम्मद अतीक,परीक्षा प्रभारी मुहम्मद जावेद,हिन्दी प्रवक्ता फरदीन खान,मेहराज अहमद आदि ने किया।
संचालन हिन्दी प्रवक्ता डा.कुश चतुर्वेदी ने किया।इस्लामिया इण्टर कॉलेज के छात्रों ने हिन्दी साहित्यकारों की मनोहारी प्रदर्शनी लगाई जिसका अवलोकन अतिथियों ने किया।सभी लोगों ने इस मनोहारी चित्र प्रदर्शनी की प्रशंसा की।आदिकाल से आधुनिक काल तक के अधिकांश कवियों लेखकों के दर्शन इस चित्र प्रदर्शनी में हुए।





