उत्तर प्रदेश के 45 से अधिक जिलों में अगले चार-पांच दिनों तक भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी रहेगा, बांदा 43.2 डिग्री सेल्सियस के साथ देश का सबसे गर्म स्थान रहा। मानसून आने में अभी लगभग एक सप्ताह का समय लग सकता है, जिससे तपिश से तुरंत राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
लखनऊ। पिछले दिनों बादलों की आवाजाही के साथ हुई बारिश ने तपिश और उमस से काफी राहत दी थी, लेकिन तीन-चार दिन से प्रदेश के ज्यादातर जिलों में मौसम ने फिर करवट बदली है। लगातार तीसरे दिन सूबे के 24 से अधिक जिलों में भीषण गर्मी और लू का दौर जारी रहा। मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार से अगले चार-पांच दिनों तक 45 जिलों में गर्मी का तल्ख तेवर बरकरार रहेगा और इस दौरान इन जिलों में लू का भी अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं, बांदा में आसमान से आग बरस रही है, जो 43.2 डिग्री सेल्सियस के साथ देश में सबसे गर्म जिला रहा। इसका असर पूर्वांचल के जिलों गाजीपुर व गोरखपुर में भी रहा। वहीं, वाराणसी में न्यूनतम तापमान सर्वाधिक 30.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। फिलहाल, अगले चार-पांच दिनों तक तपिश से राहत के आसार नहीं हैं।
मानसून के लिए करना होगा इंतजार
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, फिलहाल प्रदेश में कोई प्रभावी मौसम तंत्र सक्रिय नहीं है। ऐसे में राज्य में मानसून के आगमन में अभी लगभग एक सप्ताह का समय लग सकता है। इस दौरान पूरब से पश्चिम तक ज्यादातर जिलों में भीषण गर्मी व लू का दौर बरकरार रहने के पूर्वानुमान हैं। गुरुवार को लखनऊ में दिन का पारा 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.4 डिग्री सेल्सियस अधिक है।
राजधानी में रातें भी परेशान कर रही हैं। दिन में तेज धूप का असर है कि यहां न्यूनतम पारा 29.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। शुक्रवार को इसमें वृद्धि के आसार हैं। झांसी में भी तपिश से लोगों की दिक्कतें बढ़ रही हैं। जिले में अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।
यूपी में सामान्य से 32 प्रतिशत कम बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक, एक जून से 18 जून तक प्रदेशभर में सामान्य से 32 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इस दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में 52 प्रतिशत कम बादल बरसे हैं, जबकि पश्चिमी यूपी में सामान्य से सात प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है। कम बारिश की वजह से भी पूर्वी यूपी एवं बुंदेलखंड में तापमान में वृद्धि देखी जा रही है।
इन जिलों में है लू का येलो अलर्ट
संत रविदास नगर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर व आसपास के क्षेत्र।





