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मेहमान पक्षी कोसों दूर से उड़कर आते हैं, उन्हें संरक्षण देना हमारी जिम्मेदारी

नेचर क्लब ने गोविन्द सागर बाँध में देखी पक्षियों की अठखेलियाँ
नेचर वॉक में दिया सुरक्षा और संरक्षण का सन्देश
 
ललितपुर। रविवार की सुबह राष्ट्रीय पक्षी दिवस पर मानव आर्गनाइजेशन की पर्यावरण संरक्षण विंग ललितपुर नेचर क्लब के सदस्यों ने गोविन्द सागर बाँध होते हुए वैरावट तक बाँध की तलहटी मे अठखेलियाँ कर रहे प्रवासी का दीदार किया। इस दौरान विभिन्न प्रजातियों के सैकड़ों पक्षी देखे गये। नेचर क्लब ने इन प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा व संरक्षण पर बल दिया। पक्षी विशेषज्ञ देवेन्द्र सिंह यादव ने बताया की सारस राजकीय पक्षी है, लेकिन कम होते वैटलैण्ड क्षेत्र एवं रासायनिक खाद के बढ़ते प्रयोग से इनके जीवन पर संकट के बादल मण्डरा रहे हैं। संरक्षण के अभाव में इनकी संख्या कम होती जा रही है। ललितपुर नेचर क्लब के संयोजक पर्यावरणविद पुष्पेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि नेचर वॉक के दौरान हम लोगों ने बहुत सारे देशी विदेशी खूबसूरत पक्षी देखे। भ्रमण के दौरान बाँध के भराव क्षेत्र में सुर्खाब बत्तख, बगुला, सिलिण्डर बिल्डगुल, यूरेशियनकूट, ट्यूफिटडटक, स्लेटीसवन, छोटा लालसर, जल कौआ, ब्लैकविण्ड स्टिल्ड के साथ-साथ किंग फिशर, नीलकण्ठ, बाज, अवाबिल आदि पक्षी देखे गये। भारत प्रवासी पक्षियों मसलन साइबेरियन क्रेन, ग्रेटर फ्लेमिंगो और डेमॉस्सेल क्रेन जैसे पक्षियों के लिए घर जैसा है। ये अति सुंदर व मनमोहक प्रवासी पक्षी हर वर्ष सर्दियों और गर्मी के मौसम में भोजन, प्रजनन के लिए भारत आते हैं। खेत पर काम कर रहे राम सिंह ने बताया कि कभी-कभी कुछ बाहरी लोग शिकार के लिए आ जाते हैं, लेकिन किसान उन्हें भगा देते हैं।
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