चरखारी क्षेत्र के ऐंचाना और पडोरा गांव में आषाढ़ माह में निभाई गई पीढ़ियों पुरानी परंपरा; ग्रामीणों ने एक साथ ग्रहण किया प्रसाद
महोबा। बुंदेलखंड में फसल की उन्नति और सामाजिक एकता को बनाए रखने के लिए ग्रामीण अंचलों में किसान व ग्रामीण मिलजुल कर गागरिया (रखडा) उत्सव धूमधाम से मनाते हैं। इस उत्सव में महिलाएं अपने कुलदेवी देवताओं की पूजा अर्चना कर बेहतर बारिश, भरपूर फसल और परिवार में सुख शांति के लिए प्रार्थनाएं करते है। इसी क्रम में तहसील चरखारी के ऐंचाना और पडोरा गांव में किसानों के परिवारों की महिलाओं ने पारंपरिक उत्सव गकारिया मनाया और पूजा अर्चन के बाद उपस्थित लोगों को प्रसाद ग्रहण कराया।
आषाढ़ माह में नए कृषि वर्ष के शुभारंभ पर ऐंचाना और पडोरा गांव में गागरिया (रखडा) उत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर ऐंचाना ग्राम प्रधान दिनकर तिवारी और पड़ोरा ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विनीत सिंह के नेतृत्व में किसानों ने प्राचीन भुंइयारानी मंदिर प्रांगण में पूजा अर्चना की। उन्होंने अपने कुलदेवी देवताओं के अलावा पूर्वजों का स्मरण कर अच्छी बारिश, भरपूर फसल और परिवार की सुख समृद्धि और सामाजिक एकता की कामना की। ऐंचाना ग्राम प्रधान ने बताया कि प्राचीन परंपरा के अनुसार, ऐंचाना पंचायत क्षेत्रों में परिवार के सभी सदस्य एक साथ एकत्र होते हैं और विशेष पकवान केक अलावा गकारिया का प्रसाद तैयार करते हैं।
बताया कि तैयार किए गए प्रसाद को पूजा अर्चना कुलदेवी देवताओं और पूर्वजों को अर्पित किया जाता है, जिसके बाद परिवार और रिश्तेदारों व मौजूद लोग इसे ग्रहण कर उत्साह मनाते हैं। बाबू शुक्ला, रविन्द्र भदौरिया, सुभाष तिवारी, प्रमोद मास्टर, शैलेश तिवारी, धर्म सिंह, विनय तिवारी, मनोज बादल और बारेलाल प्रजापति सहित ग्रामीणों का मानना है कि इस परंपरा से कुलदेवी देवताओं और पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इससे नई कृषि ऋतु शुभ और समृद्ध रहती है, खेतों में अच्छी पैदावार होती है और परिवार में सुख शांति बनी रहती है। बताया कि यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है और आज भी गांवों में इसे बड़े श्रद्धाभाव से इस उत्सह को मनाया जा रहा है।





