नियमित हेल्थ चेकअप्स बीमारियों का वक्त पर पता लगाने में काफी मददगार हो सकते हैं। इससे बीमारी का शुरुआती स्टेज में पता लग जाता है, जिससे उसे मैनेज करना आसान होता है। इसलिए हर पुरुष को कुछ हेल्थ टेस्ट (Men’s Health Checkups) जरूर करवाने चाहिए। आइए जानें पुरुषों को कौन-कौन से टेस्ट नियमित रूप से करवाने चाहिए।
आजकल लोग अपनी हेल्थ को लेकर जागरूक हो रहे हैं, लेकिन आज भी लोग रूटीन चेकअप या जरूरी हेल्थ टेस्ट (Important Health Tests for Men) करवाने से कतराते हैं। लोगों का मानना है कि जब तक परेशानी दरवाजा खटखटाना शुरू न कर दे, उस ओर ध्यान नहीं देना चाहिए। लेकिन यह सोच काफी गलत है।
सच्चाई यह है कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ शरीर में कई तरह की बीमारियां पनपने लगती हैं, जो शुरुआत में बिना किसी लक्षण के ही सामने आती हैं। नियमित हेल्थ चेक-अप न सिर्फ बीमारियों का पता लगाने में मददगार हैं, बल्कि उन्हें गंभीर होने से भी रोकते हैं। आइए, इस इंटरनेशनल मेन्स डे पर जानते हैं ऐसे ही 5 जरूरी हेल्थ टेस्ट (Health Tests for Men) जो हर वयस्क पुरुष को अपनी हेल्थ रूटीन में शामिल करने चाहिए।
लिपिड प्रोफाइल
हार्ट डिजीज आज दुनिया भर में मौत के प्रमुख कारणों में से एक हैं। लिपिड प्रोफाइल टेस्ट आपके खून में अच्छे और खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर की जांच करता है। हाई कोलेस्ट्रॉल आर्टरीज में प्लाक जमा करके हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ाता है। 30 साल की उम्र के बाद हर पुरुष को कम से कम हर 4-5 साल में यह टेस्ट जरूर करवाना चाहिए। अगर परिवार में हाई कोलेस्ट्रॉल इतिहास है तो इसे और जल्दी-जल्दी करवाना चाहिए।
ब्लड प्रेशर
यह टेस्ट सबसे आसान, सस्ता और सबसे जरूरी है। हाई ब्लड प्रेशर को “साइलेंट किलर” कहा जाता है, क्योंकि इसके अक्सर कोई खास लक्षण नहीं दिखते, लेकिन यह दिल, किडनी और दिमाग को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg से कम माना जाता है। इसे हर 6 महीने में चेक करवाना एक अच्छी आदत है। अगर रीडिंग लगातार हाई आए तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
ब्लड शुगर टेस्ट
डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो शरीर के लगभग हर अंग को प्रभावित करती है। ब्लड शुगर टेस्ट (फास्टिंग या HbA1c) यह पता लगाता है कि आपका शरीर शुगर को कितनी अच्छी तरह प्रोसेस कर रहा है। टाइप-2 डायबिटीज की शुरुआत में ही पता चल जाने पर डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव करके इसे नियंत्रित किया जा सकता है। 40 साल की उम्र के बाद हर साल यह टेस्ट करवाना चाहिए।
प्रोस्टेट-स्पेसिफिक एंटीजन टेस्ट
प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में होने वाले सबसे आम कैंसर में से एक है। PSA टेस्ट प्रोस्टेट ग्लैंड में बनाए गए एक प्रोटीन के स्तर को मापता है। इसका स्तर बढ़ना प्रोस्टेट में सूजन, इन्फेक्शन या कैंसर का संकेत हो सकता है। 50 साल की उम्र के बाद हर पुरुष को इस टेस्ट के बारे में अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। अगर परिवार में प्रोस्टेट कैंसर का इतिहास है, तो यह चेक-अप 40-45 साल की उम्र में ही शुरू कर देना चाहिए।
कोलोनोस्कोपी
कोलोरेक्टल कैंसर एक और गंभीर बीमारी है जिसका शुरुआती पता लगाना बेहद जरूरी है। कोलोनोस्कोपी में एक पतली, लचीली ट्यूब के जरिए डॉक्टर आपकी बड़ी आंत की अंदर से जांच करते हैं और पॉलिप को हटा सकते हैं, जो आगे चलकर कैंसर बन सकती हैं। 50 साल की उम्र के बाद हर 10 साल में इस टेस्ट की सलाह दी जाती है।





