लखनऊ में शिया समुदाय ने अयातुल्ला खामेनेई की मौत के विरोध में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल पर हमले का आरोप लगाते हुए डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के पुतले फूंके।
लखनऊ। अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत के विरोध में शिया समुदाय के लोगों ने जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। रविवार को बाद को खामेनेई की मौत की खबर की पुष्टि के बाद से ही इमामबाड़ा, चौक आदि जगहों पर शिया समुदाय के लोग जुटे और प्रदर्शन किया, मार्च निकाला।
शाम को हजारों लोगों ने इमामबाड़ा, रूमी गेट, घंटाघर, छोटा इमामबाड़ा और अकबरी गेट के आसपास प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पुतले फूंके। महिलाओं ने मोमबत्ती लेकर कैंडल मार्च निकाला।
इससे पहले दोपहर में पुराने लखनऊ दुकानें बंद कर दी गईं। हिंदू व्यापारियों ने भी समर्थन में दुकानें नहीं खोलीं। ऑल इंडिया शिया पर्सनल ला बोर्ड ने तीन दिनों का शोक घोषित किया है। चौक में छोटे इमामबाड़े में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। प्रदर्शनकारी खामेनेई की मौत से बेहद आक्रोशित और भावुक थे।
खामेनेई की हत्या को मुस्लिम उलमा ने शहादत करार दिया। शिया उलमा ने मातम के साथ विरोध करने का आह्वान लोगों से किया है। चौक में बड़ी संख्या में एकजुट हुए लोगों के समर्थन में व्यापारी भी खड़े नजर आए। दरगाह-हजरत अब्बास रोड सहित चौक की कई गलियां सूनी रहीं। लोगों ने दुकानें नहीं खोलीं।
ऐसे में खरीदार भी नहीं निकले। आसपास के कुछ लोग सामान लेने के आए भी तो उन्हें वापस जाना पड़ा। चौक में मार्च के साथ मातमी गीत गूंजे। लोगों ने या हुसैन… या हुसैन… के नारे लगाए। इसके बाद कर रहा हूं आखिरी सजदा… जैसे गम भरे गीत भी गूंजे।
इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर ऐसे नारों की बाढ़ है। ऑल इंडिया शिया पर्सनल ला बोर्ड की ओर से तीन दिनों के शोक के एलान के बाद शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने भी इस संबंध में अपील की। कहा कि तीन दिनों तक हम सभी काले कपड़े पहनें। अपने घरों पर काले पर्चे लहराएं।
खामेनेई के लिए फातिहा पढ़ें और नज्र करें। रविवार शाम करीब सात बजे हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग जुटे। हुसैनाबाद और आसपास के इलाके में सुरक्षा के मद्देनजर दुकानें बंद करा दी गई। हाथों में मोमबत्ती, खामेनेई के पोस्टर लेकर लिए लोग छोटे इमामबाड़े के पास एकत्रित हुए। सुरक्षा के मद्देनजर डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव पीएसी और आरएएफ के साथ मौजूद रहे। ड्रोन से प्रदर्शन की निगरानी की गई।
“खामेनेई की हत्या सदी की सबसे खौफनाक खबर है। बुजदिलों ने उन्हें शहीद कर दिया। देशभर के मुस्लिम समुदाय के लोग एक साथ विरोध जताएं। इंसानियतपरस्त अन्य लोग भी इसमें शामिल हों।





