प्रवासी श्रमिकों के लिए MRC कार्यक्रम शुरू
मौदहा। प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवारों की सामाजिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए ग्रामीण पुनर्निर्माण संस्थान ने एमआरसी कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। यह कार्यक्रम जिले के छह विकास खंडों मौदहा, सुमेरपुर, मुस्करा, सरीला, गोहांड और राठ में संचालित किया जाएगा। संस्थान के निदेशक राजदेव चतुर्वेदी और देवी प्रसाद गुप्ता की उपस्थिति में इसकी शुरुआत हुई।
निदेशक राजदेव चतुर्वेदी ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना है। इसके साथ ही, उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक पलायन के प्रति जागरूक करना भी इस पहल का प्रमुख लक्ष्य है।
इस कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर सामाजिक सुरक्षा बैठकें, सुरक्षित पलायन प्रशिक्षण, जन जागरूकता अभियान और विभिन्न सूचना कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों के माध्यम से श्रमिकों को सरकारी योजनाओं, श्रम अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा लाभों और आवश्यक दस्तावेजों की विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी। संस्थान की टीम जरूरतमंद प्रवासी श्रमिक परिवारों तक पहुंचेगी और उन्हें विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहायता करेगी। इसके अतिरिक्त, आधार, श्रमिक पंजीकरण, बैंकिंग सुविधाओं और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के प्रयास भी किए जाएंगे। कार्यक्रम का विशेष जोर श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उन्हें सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने पर रहेगा।
ग्रामीण पुनर्निर्माण संस्थान इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, पंचायती राज विभाग, समाज कल्याण विभाग और अन्य संबंधित सरकारी विभागों के समन्वय से संचालित करेगा।
संस्था का मानना है कि यह पहल जिले के प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे उन्हें सुरक्षित और स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध होंगे। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए एक जिला स्तरीय टीम का गठन किया गया है। इसमें धीरेंद्र कुमार जिला समन्वयक, रामनरायन रिसोर्स सेंटर फैसिलिटेटर, पंकज कुमार, रश्मि देवी फील्ड ऑफिसर शामिल हैं। जन साथी के रूप में अर्जुन, अखिलेश कुमार, रजिया बानो, लाखन सिंह, दीपिका देवी और मोहर सिंह को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।





