बिना अतिरिक्त गारंटी शुल्क के मिल सकेगा अतिरिक्त ऋण, कार्यशील पूंजी बढ़ाने पर जोर
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को आर्थिक चुनौतियों से उबारने और औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से भारत सरकार ने आपातकालीन ऋण गारंटी योजना (ईसीएलजीएस 5.0) को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों, बढ़ती लागत और परिचालन संबंधी चुनौतियों से प्रभावित इकाइयों को वित्तीय राहत उपलब्ध कराना है।
योजना के अंतर्गत एमएसएमई इकाइयों को 100 प्रतिशत तक तथा गैर-एमएसएमई एवं एयरलाइन क्षेत्र को 90 प्रतिशत तक क्रेडिट गारंटी कवर राष्ट्रीय क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) द्वारा सदस्य ऋणदाता संस्थानों को उपलब्ध कराया जाएगा।
ईसीएलजीएस 5.0 के तहत पात्र एमएसएमई इकाइयों को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में उपयोग की गई अधिकतम कार्यशील पूंजी के 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त ऋण, अधिकतम 100 करोड़ रुपये तक उपलब्ध कराया जा सकेगा। योजना के अंतर्गत स्वीकृत ऋणों पर गारंटी कवर ऋण अवधि तक प्रभावी रहेगा। यह व्यवस्था एनसीजीटीसी द्वारा दिशा-निर्देश जारी होने की तिथि से 31 मार्च 2027 तक अथवा कुल 2.55 लाख करोड़ रुपये की गारंटी जारी होने तक लागू रहेगी।
योजना की विशेषता यह है कि पात्र एमएसएमई इकाइयों को बिना अतिरिक्त गारंटी शुल्क के त्वरित ऋण सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे कार्यशील पूंजी की उपलब्धता बढ़ेगी और उद्योगों को बाजार की अनिश्चितताओं एवं बढ़ती लागत से उबरने में सहायता मिलेगी। साथ ही उत्पादन, रोजगार सृजन और व्यावसायिक गतिविधियों की निरंतरता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
जनपद के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अदित्य चंद्रा ने बताया कि योजना के संबंध में 29 मई 2026 को उद्योग निदेशालय सभागार, जीटी रोड, सर्वोदय नगर, कानपुर नगर में एक विशेष जागरूकता एवं आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में डीएफएस, एनसीजीटीसी, एसएलबीसी, लीड बैंक तथा जनसमर्थ/पीएसबी एलायंस से जुड़े अधिकारी एवं हितधारक शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य बैंकों, एमएसएमई इकाइयों तथा अन्य संबंधित हितधारकों को ईसीएलजीएस 5.0 की पात्रता, लाभ, संचालन प्रक्रिया एवं दावा तंत्र की जानकारी उपलब्ध कराना है, जिससे अधिकाधिक पात्र इकाइयां योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि इच्छुक पात्र इकाइयां जनसमर्थ पोर्टल पर आवेदन कर आवश्यक विवरण एवं स्व-घोषणा उपलब्ध कराएं।





