अलीगढ़। मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को विकास भवन सभागार में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण एवं पंचायत विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालयों, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, आरआरसी सेंटर संचालन, पंचायत सचिवालयों पर संचालित कॉमन सर्विस सेंटर और ग्राम स्तरीय स्वच्छता गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की गई। सीडीओ ने बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 में आवंटित लक्ष्य 8000 व्यक्तिगत शौचालय की वित्तीय स्वीकृति भी प्रदान की।
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अपात्र व्यक्ति को योजना का लाभ भले ही न मिले, लेकिन कोई भी पात्र लाभार्थी योजनाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सभी सहायक विकास अधिकारियों पंचायत एवं ग्राम सचिवों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। साथ ही निर्देशित किया कि सभी ग्राम सचिव एवं एडीओ पंचायत प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराएं कि उनके कार्यक्षेत्र में कोई पात्र परिवार या लाभार्थी योजना से वंचित नहीं है।
सामुदायिक शौचालयों की समीक्षा के दौरान सीडीओ ने कहा कि शासन प्रत्येक सामुदायिक शौचालय पर प्रतिमाह लगभग 9 हजार रुपये व्यय कर रहा है, इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक शौचालय से 20 से 50 लोगों को नियमित रूप से लाभ मिल रहा हो। उन्होंने सभी सामुदायिक शौचालयों को पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही प्रत्येक विकास खंड की उन 10 बड़ी आबादी वाली ग्राम पंचायतों की जांच कराए जाने के निर्देश दिए गए, जहां सर्वाधिक धनराशि आवंटित की गई है, ताकि धनराशि के सदुपयोग का आकलन किया जा सके।
सीडीओ ने चयनित ग्राम पंचायतों में संचालित आरआरसी सेंटरों को प्रभावी ढंग से संचालित करने और ग्रामों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था की जाए। तीन दिवसीय विशेष सफाई अभियान को गंभीरता से संचालित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने अभियान से पूर्व एवं अभियान के बाद की फोटोग्राफ उपलब्ध कराने को भी कहा।





