न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखने का आग्रह किया है।
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के 25वें दिन एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को जारी रखने की अपील की है। क्राउन प्रिंस ने इसे क्षेत्र को नया आकार देने का ‘ऐतिहासिक अवसर’ बताया है।
सऊदी-US की प्राइवेट टॉक
रिपोर्ट के मुताबिक, क्राउन प्रिंस ने ट्रंप को बताया कि ईरान खाड़ी देशों के लिए लंबे समय से खतरा बना हुआ है और इस खतरे को केवल ईरान की वर्तमान सरकार को हटाकर ही खत्म किया जा सकता है।
उन्होंने ईरान की ऊर्जा सुविधाओं पर हमले और यहां तक कि तेहरान में जमीनी अभियान की भी संभावना जताई है। सऊदी प्रिंस का मानना है कि अमेरिका-इजराइल के सैन्य अभियान को और मजबूत करके ही क्षेत्रीय स्थिरता हासिल की जा सकती है।
ईरान पर हमले तेज
यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब युद्ध तेजी से बढ़ रहा है। ईरान ने अमेरिका-इजराइल हमलों के जवाब में सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिनसे सऊदी का तेल बुनियादी ढांचा प्रभावित हुआ है।
इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार अस्थिर हो गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज) के रास्ते पर असर होने से सऊदी अरब, यूएई और कुवैत जैसे देशों के तेल निर्यात पर असर पड़ा है।
रिपोर्ट में ट्रंप की तरफ से संकेत मिले-जुले आए हैं। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर ‘पूर्ण समाधान’ की बात कही है, लेकिन क्राउन प्रिंस लगातार मजबूत कार्रवाई की वकालत कर रहे हैं। उधर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी ईरान को लंबे समय का खतरा मानते हैं, लेकिन सऊदी चिंताएं अलग हैं।
सऊदी ने रिपोर्ट को किया खारिज
हालांकि, सऊदी सरकार ने इन रिपोर्टों से साफ इनकार किया है। आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘सऊदी अरब संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान का हमेशा समर्थन करता रहा है।
हमारी प्राथमिक चिंता अपने लोगों और बुनियादी ढांचे की रक्षा करना है। ईरान ने खतरनाक ब्रिंकमैनशिप को चुना है, जो हर पक्ष के लिए नुकसानदायक है।’





