लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही या हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए नियमसंगत कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता की शिकायतों को केवल औपचारिकता के तौर पर न लिया जाए, बल्कि प्रत्येक मामले की गंभीरता से जांच कर पीड़ित को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जमीन-जायदाद, पारिवारिक विवाद, पुलिस से संबंधित मामलों तथा अन्य शिकायतों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जनता दर्शन में पहुंचे लोगों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं और शिकायतें रखीं। सीएम योगी ने फरियादियों की बातें ध्यान से सुनीं और अधिकारियों को संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों के समाधान में गुणवत्ता के साथ-साथ समयबद्धता का भी विशेष ध्यान रखा जाए।
बच्चों से मिले सीएम योगी, पढ़ाई पर दिया जोर
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों से भी मुलाकात की। बच्चों के साथ उन्होंने आत्मीयता से बातचीत की और उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन बनाए रखने तथा अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की सीख दी। मुख्यमंत्री ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सीएम योगी ने कहा कि बच्चों का भविष्य मजबूत बनाने के लिए शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार और मेहनत भी जरूरी है। बच्चों के साथ मुख्यमंत्री का यह स्नेहपूर्ण संवाद वहां मौजूद लोगों के बीच भी चर्चा का विषय रहा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो टूक संदेश दिया कि जनता की समस्याओं के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही सामने नहीं आनी चाहिए। सरकार की प्राथमिकता आम लोगों को त्वरित न्याय और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।





