Monday, March 23, 2026
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यूपी के 33 हजार किसानों को सीएम योगी का तोहफा, 109 करोड़ रुपए का कर्ज होगा माफ

मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश, बिजली बिल बकाये पर नहीं काटेंगे किसानों के बिजली कनेक्शन

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी के सांसद व विधायकों के साथ क्षेत्र में संचालित विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि कुछ जिलों में बकाया बिल के चलते किसानों के बिजली कनेक्शन काटे गए हैं। यह ठीक नहीं है। बकाया बिल की वजह से किसानों के बिजली कनेक्शन कतई नहीं काटे जाने चाहिए।
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को क्षेत्रीय जनभावनाओं से अवगत कराया। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल निर्णय के लिए अधिकारियों को निर्देशित भी किया। इससे पूर्व विगत दिवस सहारनपुर, आजमगढ़, झांसी और मुरादाबाद मंडल के जनप्रतिनिधियों के साथ भी विकास परियोजनाओं की समीक्षा की थी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने समग्र विकास के लिए हमें रिफॉर्म, परफॉर्म ट्रांसफॉर्म का मंत्र दिया है। इस मंत्र को अपनी कार्ययोजना में उतारने का ही परिणाम है कि बीते साढ़े पांच साल में प्रदेश की अर्थव्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है। देश-विदेश के निवेशकों के लिए सर्वश्रेठ गंतव्य के रूप में उत्तर प्रदेश की पहचान है। आज देश-दुनिया के निवेशक उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए उत्साहित है। यह बदलाव हमारे प्रदेश, हमारे युवाओं के स्वर्णिम भविष्य की राह बनाने वाला है।
उन्होंने कहा कि आगामी 10-12 फरवरी तक उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया जाना प्रस्ताशवित है। इस विशेष आयोजन के दृष्टिगत देश-दुनिया के निवेशकों को आमंत्रित करने गई टीम यूपी को जगह उद्योग जगत की ओर से 12 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। यह ग्लोबल इन्वेस्टर समिट ऐतिहासिक होने जा रहा है। वर्ष 2027 तक प्रदेश को 01 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की पूर्ति में यह इन्वेस्टर्स समिट सहायक होगा।
हाल के दिनों में कुछ जिलों ने जनपदीय इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन कर अपने जनपद में हजारों करोड़ के निवेश प्राप्त किए। ऐसा ही प्रयास सभी जिलों में किया जाना चाहिए। जनप्रतिनिधि जनपदीय इन्वेस्टर्स समिट को नेतृत्व दें। हर जनपद में संभावनाएं हैं। सभी सांसद-विधायक गण अपने क्षेत्र के उद्यमियों, व्यापारियों, प्रवासी जनों से संवाद-संपर्क बनाएं। उन्हें प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीतियों, सेक्टोरल पॉलिसी की जानकारी दें। अपने क्षेत्र के पोटेंशयिल का परिचय दें और निवेश के लिए प्रोत्साहित करें। जनप्रतिनिधियों के सहयोग से यह इन्वेस्टर्स समिट नई ऊंचाइयों को छूने वाला होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सांसद-विधायक जिला प्रशासन, औद्योगिक विकास विभाग, इन्वेस्ट यूपी और मुख्यमंत्री कार्यालय का सहयोग लेते हुए प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीतियों का व्यापक प्रचार प्रसार करें। स्थानीय विश्वविद्यालय, महाविद्यालयों, पॉलिटेक्निक, आईटीआई में युवाओं के बीच इन पर परिचर्चा कराई जाए। जनप्रतिनिधि इन कार्यक्रमों में प्रतिभाग करें।
सांसद-विधायक क्षेत्र में संचालित विकास परियोजनाओं का निरीक्षण करते रहें। यह योजनाएं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की छवि निर्माण में सहायक हैं। गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने में जनप्रतिनिधियों को योगदान करना होगा।
तकनीकी क्रांति के इस दौर में सोशल मीडिया, संवाद का बेहतरीन माध्यम बन कर उभरा है। सभी सांसद, विधायकों को इस मंच का उपयोग करना चाहिए। केंद्र व राज्य सरकार की लोककल्याणकारी योजनाओं, औद्योगिक नीतियों, रोजगारपरक कार्यक्रमों के बारे में सकारात्मक भाव से सोशल मीडिया मंच पर अपनी राय रखनी चाहिए। जनता से संपर्क-संवाद बनाने में यह मंच अत्यंत उपयोगी है।
प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में आज पावन अयोध्या, काशी और मथुरा अपने पुरातन वैभव के साथ वैश्विक पटल पर प्रतिष्ठा प्राप्त कर रही है। जनभावना के अनुरूप राज्य सरकार ने मथुरा में ब्रज तीर्थ विकास परिषद का गठन कर मथुरा-वृंदावन के समग्र विकास के लिए कार्य किया जा रहा है। ब्रज क्षेत्र का विकास हमारी प्राथमिकता में है। स्थानीय सांसद व विधायक गण विकास परियोजनाओं का निरीक्षण करते रहें।
ब्रज क्षेत्र में 84 कोसी परिक्रमा मार्ग के सुदृढ़ीकरण की कार्ययोजना को पूरी तत्परता से समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। परिक्रमा पथ से जुड़े गांवों में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए जनप्रतिनिधियों को भी प्रयास करना चाहिए। शासन स्तर से भी इस संबंध में कार्य किया जाएगा।
प्रदेश में संचालित निराश्रित गो-आश्रय स्थलों में आज नौ लाख से अधिक गोवंश संरक्षित किये गए हैं। गोवंश पालन के इच्छुक किसानों को 900 रुपये प्रतिमाह दिए जाने की योजना के भी अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। सांसद, विधायक ऐसी योजनाओं में रुचि लेते हुए आम जन को इनसे जोडऩे का प्रयास करें।
निराश्रित गोवंश के बेहतर संरक्षण के लिए आश्रय स्थलों की क्षमता वृद्धि भी की जा रही है। हम विकास खंड स्तर पर बड़े गोवंश आश्रय स्थल भी तैयार करा रहे हैं। सांसद-विधायक को इस परियोजना के लिए भूमि की उपलब्धता के लिए सहयोग करना चाहिए।
योगी ने कहा कि जनभावना का सम्मान करते हुए आगरा में छत्रपति शिवाजी स्मारक की स्थापना कराया जाना चाहिए। सांसद व विधायक गणों को इस संबंध में संस्कृति विभाग व जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाते हुए बेहतर कार्ययोजना तैयार करानी चाहिए। राज्य सरकार से हर संभव सहयोग दी जायेगी।
अन्नदाता किसानों का हित संरक्षण सरकार को शीर्ष प्राथमिकता है। बिजली बिल भुगतान न होने के कारण किसी भी किसान का विद्युत कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। इस संबंध में पॉवर कॉर्पोरेशन द्वारा स्पष्ट आदेश जारी किए गए हैं। कुछ क्षेत्रों से कनेक्शन काटे जाने की सूचना मिली है। यह स्वीकार्य नहीं है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा इसका संज्ञान लेते हुए दोषी के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की स्पष्ट मंशा है कि थाना व तहसील दिवसों पर आने वाली शिकायतों का समुचित समाधान हो। जनप्रतिनिधि स्वयं यहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यहां आने वाली शिकायतों का समय-सीमा के भीतर निस्तारण हो। मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर से इसकी समीक्षा की जा रही है।
योगी सरकार का किसानों के लिए राहत भरा फैसला
जानकारी के मुताबिक, साल 2017 में उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद कैबिनेट में किसानों की कर्जमाफी का फैसला लिया गया था। इस दौरान लाखों किसानों के 1 लाख तक के कर्ज माफ किए गए थे। लेकिन कुछ तकनीकि खामियों की वजह से 33,408 किसान कर्जमाफी के फैसले से वंचित रह गए थे। अब योगी सरकार की तरफ से उन छूटे हुए किसानों के भी 190 करोड़ रुपए का कर्ज माफ किया जाएगा। इस संबंध में योगी सरकार की तरफ से आदेश जारी कर दिया गया है।
तकनीकी खामियों के चलते कुछ किसानों का नहीं हुआ था कर्जमाफ
आपको बता दें कि कभी सूखे और कभी बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के चलते किसानों की फसल बर्बाद हो जाती है। जिसके बाद किसानों को मुनाफे की जगह नुकसान उठाना पड़ता है और वे अपना कृषि कर्ज माफ नहीं करा पाते हैं। अब योगी आदित्यनाथ सरकार का कर्जमाफी का फैसला किसानों के लिए राहत लेकर आएगा। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में साल 2017 में कर्जमाफी के दौरान तकनीकी खामियों के चलते कुछ किसानों का कर्ज माफ नहीं हो पाया था। इनमें से कुछ किसान हाईकोर्ट गए थे। जिसके बाद हाईकोर्ट ने इन किसानों को कर्ज माफी का लाभ दिए जाने का आदेश दिया था।

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