शोहरतगढ़। खुनुवा बाजार के गाटा संख्या 334/3.062 को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ प्रशासन का दावा है कि अवैध प्लाटिंग को पहले ही ध्वस्त कर दिया गया है और मौके पर कोई नया निर्माण नहीं हो रहा, तो दूसरी तरफ शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसी जमीन की लगातार रजिस्ट्रियां की जा रही हैं। ऐसे में प्रशासनिक रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं।
मुख्यमंत्री आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायत के संबंध में उपजिलाधिकारी शोहरतगढ़ द्वारा जिलाधिकारी को भेजी गई आख्या में कहा गया है कि गाटा संख्या 334/3.062 पर पूर्व में उपजिलाधिकारी की उपस्थिति में अवैध प्लाटिंग को हटाया जा चुका है। जांच के दौरान मौके पर कोई नया निर्माण कार्य नहीं पाया गया और शिकायत को निराधार एवं असत्य बताते हुए निस्तारित कर दिया गया।
हालांकि, शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार पाण्डेय ने इस रिपोर्ट को तथ्यों से परे बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि संबंधित लेखपाल द्वारा अधिकारियों को गुमराह किया जा रहा है और वास्तविक स्थिति के विपरीत रिपोर्ट प्रस्तुत की जा रही है। उनका दावा है कि जिस भूमि पर प्लाटिंग ध्वस्त किए जाने की बात कही जा रही है, वहां अब भी भूखंडों की रजिस्ट्रियां लगातार हो रही हैं।
शिकायतकर्ता का सवाल है कि यदि प्लाटिंग पूरी तरह समाप्त कर दी गई थी, तो फिर उसी गाटा संख्या की जमीन का टुकड़ों में क्रय-विक्रय किस आधार पर हो रहा है? उन्होंने आरोप लगाया कि गलत रिपोर्टों के जरिए न केवल शिकायतों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, बल्कि इससे सरकार की पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की छवि भी धूमिल हो रही है।
मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए तथा गाटा संख्या 334/3.062 की अब तक हुई सभी रजिस्ट्रियों का ब्योरा सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि प्रशासन अपनी जांच रिपोर्ट पर कायम रहता है या फिर उठ रहे सवालों को देखते हुए मामले की दोबारा होनी चाहिए ।





