नई दिल्ली। लाल सागर में 14 भारतीय नागरिकों की मौजूदगी वाली एक नौका पर सऊदी अरब की ओर से हमला किए जाने का दावा सामने आया है। यमन के हूती विद्रोहियों ने इस घटना को लेकर सऊदी अरब पर आरोप लगाए हैं। इस दावे के बाद लाल सागर में समुद्री सुरक्षा और वहां से गुजरने वाले जहाजों की स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, घटना से जुड़ी परिस्थितियों और हमले के दावे की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
लाल सागर में क्या हुआ
लाल सागर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री परिवहन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। यहां से एशिया, यूरोप और मध्य पूर्व के बीच बड़ी मात्रा में माल की आवाजाही होती है। क्षेत्र में लंबे समय से जारी तनाव और सशस्त्र संघर्ष के कारण समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।
ताजा दावे के अनुसार, 14 भारतीयों वाली एक नौका को निशाना बनाए जाने की बात कही गई है। हूतियों ने इस घटना के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, नौका की सटीक स्थिति, हमले का समय, नुकसान की स्थिति और उसमें सवार भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर आधिकारिक जानकारी की पुष्टि आवश्यक है।
हूतियों ने सऊदी अरब पर क्यों लगाया आरोप
यमन के हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि जुकर द्वीप के पास 14 भारतीय नागरिकों को ले जा रही नौका को सऊदी अरब की सेनाओं ने निशाना बनाया। हूती पक्ष ने कहा कि उसके लड़ाके नौका पर सवार लोगों को बचाने में जुटे थे। हालांकि, हमले की परिस्थितियों और इसके लिए जिम्मेदार पक्ष की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इस घटना पर भारत ने भी जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। यमन स्थित भारतीय दूतावास ने कहा कि वह घटना से जुड़े तथ्यों का पता लगा रहा है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा तथा कुशलक्षेम सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव सहायता दी जाएगी। 23 अक्टूबर की रॉयटर्स रिपोर्ट के मुताबिक, दूतावास ने सभी 14 भारतीय नागरिकों के सुरक्षित होने की जानकारी दी।
लाल सागर के दक्षिणी हिस्से में स्थित बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी घटनाओं का असर व्यापारिक जहाजों की आवाजाही और समुद्री परिवहन पर पड़ सकता है।
हूतियों और सऊदी अरब के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच इस घटना ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। सऊदी अधिकारियों की ओर से आरोप पर तत्काल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।





