इटावा,उदी। मध्य प्रदेश के जनापाव से 20 फरवरी को प्रारंभ हुई चंबल विकास यात्रा शनिवार को लगभग 15 सौ किलोमीटर की दूरी तय कर शनिवार को जनपद इटावा के बढपुरा क्षेत्र में स्थित उदी गांव के पास चंबल तट पर पहुंची। यात्रा के बढपुरा इलाके में आगमन पर क्षेत्रवासियों ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।शाम को महामृत्युंजय तीर्थ स्थल पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया,जिसमें स्थानीय कलाकारों ने चंबल अंचल की लोकसंस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं द्वारा विधि-विधान से चंबल मैया की आरती उतारी गई।
तट पर श्रद्धा और आस्था का वातावरण देखने को मिला।चंबल विकास यात्रा के राष्ट्रीय संयोजक ठाकुर जोगेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि यात्रा का उद्देश्य चंबल क्षेत्र के समग्र विकास, पर्यावरण संरक्षण,पर्यटन संवर्धन तथा ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की मांग को जन-जन तक पहुंचाना है।उन्होंने कहा कि चंबल अंचल की उपेक्षा को समाप्त कर इसे विकास की मुख्यधारा से जोड़ना आवश्यक है।
उन्होंने जानकारी दी कि रविवार को पूर्वाह्न यात्रा कमांडर अर्जुन सिंह भदौरिया के पैतृक गांव लोहिया पहुंचेगी,जहां उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा।इसके उपरांत दोपहर लगभग 1 बजे इटावा जिलाधिकारी को चंबल क्षेत्र के विकास संबंधी मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा।
ज्ञापन कार्यक्रम के बाद यात्रा चकरनगर इलाके के भरेह पचनद के लिए प्रस्थान करेगी। रविवार की यात्रा में संयोजक के अतिरिक्त अर्जुन सिंह कक्का,डॉ.शिव प्रसाद चतुर्वेदी,इंद्रवीर सिंह,महाराज सिंह भदौरिया,मन्नू भदौरिया,राजेंद्र सिंह मुन्ना, राकेश भदौरिया,कुलदीप सिंह एवं रज्जू सिंह सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक व समर्थक शामिल रहेंगे। चंबल विकास यात्रा के उदी पहुंचने से क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और स्थानीय लोग इसे चंबल अंचल के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मान रहे हैं।





