अनशन समाप्त होने पर अधिकारियों ने ली राहत की सांस
महोबा। नौ सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा बुंदेलखंड किसान यूनियन का उपजिलाधिकारी कुलपहाड़ डॉ. प्रदीप कुमार और सीओ रविकांत गौड़ के पंद्रह दिन के अंदर समस्याओं का निराकरण कराए जाने के आश्वासन के बाद बुधवार को अंशन समाप्त हो गया। एसडीएम के आश्वासन देकर और किसानों को मिठाई खिलाने के बाद अनशन से उठाकर अपने अपने घर चले गए। अनशन समाप्त होने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
गौरतलब है कि फसल बीमा की धनराशि किसानों के खातों में भेजने, सिंचाई के लिए सुबह छह बजे से रात दस बजे तक बिजली आपूर्ति किए जाने, स्वास्थ्य केंद्र जन्म प्रमाण पत्र के नाम पर एक हजार रुपये लेने वाले कर्मचारी पर कार्यवाई करने, वाईपास से शराब का ठेका हटाए जाने, गल्लामंडी के बाहर खरीद करने वालों को हटाने, श्रीनगर तिराहे से मांस मछली की दुकाने अलग करने और विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को पूरा करने सहित नौ सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रीय संगठन मंत्री बालाजी के नेतृत्व में अनशन मंगलवार की सुबह शुरू कर दिया था।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी थी कि यदि शीघ्र ही किसानों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो किसान भूख हड़ताल के लिए विवाश हो जाएंगे। मामला किसानों से जुड़ा होने के कारण उपजिलाधिकारी ने बुधवार को अनशन स्थल पर पहुंचकर किसानों से वार्ता की और 15 दिन के अंदर किसानों की समस्याओं का निराकरण कराए जाने का आवश्वासन देकर अनशन समाप्त कराया। इस मौके पर बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी बालाजी ने कहा कि यदि 15 दिन के अंदर अधिकारियों ने मांगों को पूरा नहीं किया तो वह 17 जनवरी को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे।





