बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री मायावती ने बुधवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की राज्य स्तरीय कार्यकर्ता बैठक को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने 9 अक्टूबर को लखनऊ में आयोजित ऐतिहासिक रैली की शानदार सफलता के लिए सभी पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” की नीति पर संगठन को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए।
मायावती ने बैठक में सपा पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि “सपा की स्थिति अब खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचे जैसी हो गई है”, क्योंकि 9 अक्टूबर की बसपा रैली ने विरोधियों की नींद उड़ा दी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को 15 जनवरी — अपने जन्मदिवस — को “आर्थिक सहयोग दिवस” के रूप में मनाने की अपील की, ताकि पार्टी मूवमेंट आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत हो सके।
बीएसपी की प्रेस विज्ञप्ति के प्रमुख बिंदु-
बीएसपी ने 9 अक्टूबर, 2025 को मान्यवर कांशीराम जी के परिनिर्वाण दिवस पर आयोजित महा-आयोजन की सफलता के लिए सभी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को धन्यवाद दिया है। पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए सभी कार्यकर्ताओं से तन, मन और धन से जुटने का आह्वान किया। संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय और मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए हैं। विज्ञप्ति में यह भी स्पष्ट किया गया है कि बीएसपी कोई पूंजीवादी पार्टी नहीं, बल्कि अम्बेडकरवादी सिद्धांतों पर चलने वाली ऐसी पार्टी है जो बहुजन समाज के अधिकारों और सुरक्षा के लिए समर्पित है।
विज्ञप्ति में सपा सरकार द्वारा बीएसपी सरकार के कार्यकाल में बने स्मारकों से टिकट बिक्री से प्राप्त धन को उनके रखरखाव में खर्च करने के फैसले पर आभार व्यक्त किया गया है। वहीं, रैली में सरकारी बसों के इस्तेमाल के आरोपों को पूरी तरह झूठा बताते हुए कहा गया है कि लाखों लोग अपने संसाधनों से आए — यह बसपा के जनसमर्थन का प्रमाण है। पार्टी ने खुद को गरीबों, शोषितों और पिछड़ों के लिए काम करने वाली ईमानदार राजनीतिक शक्ति बताया है, जबकि सपा और कांग्रेस जैसी पार्टियों पर अवसरवादिता और बेईमानी का आरोप लगाया है।
विज्ञप्ति में 2 जून 1995 के स्टेट गेस्ट हाउस कांड का भी जिक्र किया गया है, जिसमें सपा सरकार के रवैये को “काले इतिहास” की घटना बताया गया। अंत में मायावती ने कहा कि वे 2027 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत और निष्ठा से काम करेंगी।





