गन्ना विकास विभाग ने नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट और बलरामपुर चीनी मिल के साथ एमओयू किया है।
लखनऊ। ब्रीडर गन्ना बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गन्ना विकास विभाग ने बुधवार को नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट (एनएसआइ) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
इसके साथ बलरामपुर चीनी मिल की इकाई हैदरगढ़ के साथ भी एमओयू किया गया है, इसके तहत टिश्यू कल्चर तकनीक के माध्यम से उन्नत गन्ना किस्मों के रोगमुक्त गन्ना पौध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
गन्ना मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने कहा कि ब्रीडर बीज उत्पादन और टिश्यू कल्चर तकनीक से किसानों को उच्च गुणवत्ता, प्रमाणित और रोगमुक्त गन्ना बीज उपलब्ध होगा, जिससे गन्ना उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि होगी।
गन्ना एवं चीनी आयुक्त मिनिस्ती एस. ने बताया कि एमओयू के माध्यम से नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट की खाली पड़ी कृषि भूमि के सकारात्मक उपयोग एवं वैज्ञानिक दक्षता के प्रयोग से ब्रीडर गन्ना बीज उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
इससे ब्रीडर सीड के उपलब्धता में लगभग 12 हजार क्विंटल की वृद्धि होगी। वहीं बलरामपुर चीनी मिल के सहयोग से टिश्यू कल्चर तकनीक पर काम करने वाली चीनी मिलों के कार्मिकों को प्रशिक्षण व लैब संचालन के संबंध में तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा।





