Friday, February 27, 2026
spot_img
HomeHealthक्या सुबह 5 बजे उठने वाले ही सफल होते हैं? साइंस का...

क्या सुबह 5 बजे उठने वाले ही सफल होते हैं? साइंस का यह जवाब जल्दी उठने वालों को कर देगा हैरान

कई लोगों को लगता है सुबह जल्दी उठना सफलता की गारंटी है। हालांकि, विज्ञान के अनुसार ऐसा जरूरी नहीं है।

लंबे समय से यह माना जाता है कि सुबह सर्वोदय से पहले उठने वाला व्यक्ति स्वस्थ रहता है और जीवन में बड़ी सफलता हासिल करता है। इंटरनेट मीडिया पर भी ऐसे संदेशों की भरमार है, जो बताते हैं कि जल्दी उठ कर दिन की शुरुआत करने का मतलब है कि आपने आधी जंग पहले ही जीत ली है।

एप्पल के सीइओ टिक कुक, सफल उद्ममी रिचर्ड ब्रैनसन और हॉलीवुड एक्टर जेनिफर एनिस्टन जैसे बड़े नाम भी गिनाए जाते हैं, जो अपने दिन की शुरुआत जल्दी करते हैं। संदेश साफ है। सुबह जल्दी उठने का मतलब है कि आपकी सफलता तय है, लेकिन विज्ञान ऐसा नहीं मानता।

क्या कहता है साइंस?

विज्ञान कहता है कि सुबह जल्दी उठना अपने आप में सफलता की गारंटी नहीं है। लोग आम पर बेहतर प्रदर्शन तब करते हैं, जब उनकी दिनचर्या उनके शरीर की प्राकृतिक घड़ी से मेल खाती है। बहुत से लोगों का शरीर ऐसा हो सकता है जो सुबह पांच बजे का रूटीन स्वीकार न करे। ऐसा करने से उनकी सेहत और उत्पादकता दोनों पर बुरा असर पड़ सकता है।

क्रोनोटाइप है मेन हीरो

काफी कुछ व्यक्ति विशेष की जैविक रिदम या क्रोनोटाइप पर निर्भर करता है। क्रोनोटाइप बताता है कि व्यक्ति कब स्वाभविक रूप से सजग या सुस्त महसूस करता है और अनुवांशिकी इसे तय करने में अहम भूमिका निभाती है। अनुवांशिकी तय करती है आपका टाइप क्रोनोटाइप दो तरह का होता है। एक है मॉर्निग टाइप और दूसरा है इवनिंग टाइप।

मॉर्निग टाइप वाले लोग सुबह जल्दी उठ जाते हैं और इसके तुरंत बाद ही पूरी तरह से अलर्ट महसूस करते हैं। इन लोगों को सुबह जल्दी उठने के लिए अलार्म लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है। वहीं इवनिंग टाइप वाले दोपहर बाद ज्यादा ऊर्जावान महसूस करते हैं और रात में ज्यादा बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। बहुत से लोग न तो पूरी तरह से मॉर्निग टाइप वाले होते हैं और न ही पूरी तरह से इवनिंग टाइप वाले वे कहीं बीच की स्थिति में होते हैं।

स्टडी में हुआ खुलासा

मॉर्निग टाइप वालों का प्रदर्शन बेहतर अध्ययनों में क्रोनोटाइप के बीच अंतर भी सामने आया है। मॉर्निग टाइप वाले लोगों का अकादमिक प्रदर्शन आम तौर पर अच्छा रहता है। ऐसे लोग स्मोकिंग, शराब और मादक द्रव्यों के सेवन से भी दूर रहते हैं और नियमित व्यायाम भी करते हैं।

इवनिंग टाइप वालों की सेहत हो सकती है खराब इवनिंग टाइप वालों के साथ इस बात की संभावना अधिक रहती है कि वह काम से बुरी तरह से ऊब जाए। उसका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य भी खराब हो सकता है। इवनिंग टाइप वालों की कामकाजी जिंदगी भी कम व्यवस्थित होती है। इससे उनको नींद न पूरी होने,थकान और तनाव का सामना करना पड़ सकता है।

नींद पूरी न होना भी नुकसानदेह

प्राकृतिक रिदम के विपरीत दिनचर्या से नुकसान आम धारणा है कि सुबह जल्दी उठने की दिनचर्या अपनाने से आपको वही फायदे मिल सकते हैं, जो मॉर्निग टाइप वालों को मिलते हैं। हालांकि, क्रोनोटाइप आसानी से नहीं बदलता है। इसे आपकी अनुवांशिकी और सर्केडियन रिदम यानी शरीर की प्राकृतिक घड़ी आकार देती है। बहुत से इवनिंग टाइप वाले लोग अगर अपनी प्राकृतिक रिदम के विपरीत जाकर सुबह जल्दी उठते हैं तो उनको समय के साथ नींद पूरी न होने, एकाग्रता में कमी और खराब मूड जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular