इटावा। मस्जिद पंजतनी इटावा में मरहूमा जमीला रिज़वी शरीफ मंजिल सैदबाड़ा की छमाही पर राहत अक़ील व मरहूमा आसिया बेगम कबीरगंज की बरसी पर तहसीन रज़ा की ओर से मजलिस का आयोजन किया गया।
मजलिस में तकरीर करते हुए मौलाना अनवारुल हसन जैदी इमामे जुमा इटावा ने कहा आले मोहम्मद मासूम होते हैं अगर कोई इनकी मोहब्बत में अल्लाह से दुआ करेगा अल्लाह उसकी दुआ जरूर कुबूल करेगा।
आले मोहम्मद वो हैं जिन्होंने रोजा अफ्तार के वक्त दरवाजे पर आए फकीर को अफ्तार का सामान दे दिया और नमक से रोजा खोला।रसूल ने फरमाता जो गरीब की मदद करेगा वो मेरे साथ जन्नत में रहेगा।
रसूल के बाद उनकी बेटी फातिमा ज़हरा के घर मे दुश्मनों ने आग लगा दी और बेपनाह जुल्म ढाए।इतना ही नहीं कर्बला में रसूल के नवासे इमाम हुसैन और उनके घराने व सहबियों को तीन दिन की भूख में शहीद कर दिया गया।
मजलिस में अल्हाज सैयद कमर अब्बास नक़वी करबलाई,सलीम रज़ा,शावेज़ नक़वी, इबाद रिज़वी,मोहम्मद अब्बास,मोहम्मद मियां,हसन अब्बास,अख्तर अब्बास रिज़वी,अली मेहदी,तनवीर हसन,आतिफ एड.,शब्बर अक़ील,इमरान वारसी,अली साबिर,जुनैद,जावेद,सैफू,राहिल,सफीर हैदर,मोहम्मद अहमद,राजा सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।





