निरीक्षण दौरान बंदियों से प्राप्त प्रार्थना पत्रों के सम्बन्ध में जेलर को दिए आवश्यक दिशा निर्देश
महोबा। जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष रामनगीना यादव के निर्देश पर अपर जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव तेन्द्रपाल ने न्यायिक टीम के साथ जिला उपकारागार का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण दौरान बंदियों से प्राप्त प्रार्थना पत्रों के सम्बन्ध में जेलर को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। अपर जिला जज ने उपकारागार में निरूद्ध बंदियों की समस्याओं को सुना और उनकी सुनवाई के लिए निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने की बात कही। इस मौके पर बंदियों को विधिक सहायता प्राप्त करने के अलावा विधिक सहायता की जानकारी दी गई।
निरीक्षण दौरान अपर जिला जज ने बैरक, रसोईघर के अलावा उपकारागार परिसर की साफ सफाई को देखते हुए सफाई व्यवस्था को और अधिक सुधार लाने के निर्देश दिए गए। इसके बाद उन्होंने जिला उपकारागार में निरूद्ध बंदियों की समस्याओं को सुना और गंभीरता से लेते हुए जेलर को बंदियों की समस्याओं को जल्द से जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए साथ ही अपर जिला जज ने उपकारागार के अस्पताल मे भर्ती बंदियों से बात कर स्वास्थ्य सेवाओं के बावत जानकारी हासिल की साथ ही स्वास्थ्य टीम से दवा स्टाक के बारे में पूछा गया। अपर जिला जज ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पात्र बंदियों के विधिक सहायता प्रदान किये जाने के लिए सदैव तत्पर हैं। कुछ बंदियों के जमानत प्रार्थना पत्र उच्च न्यायालय मे प्रस्तुत करने के लिए निर्देश दिये गये। कहा कि जो बन्दी अत्यन्त गरीब है और अपना निजी अधिवक्ता नियुक्त नहीं कर सकते उन्हे निःशुल्क लीगल एड डिफेंस काउन्सिल नियुक्त कराया जाएगा।
निरीक्षण करते हुए अपर जिला जज ने जेलर से बंदियों व खानपान संबन्ध में जानकारी ली तो जेलर ने बताया गया कि उपकारागार मे कुल 325 बन्दी निरूद्ध है, जिसमे विचाराधीन बंदियों की संख्या 270 एंव सिद्ध दोष बंदियों की संख्या 55 है। बताया कि प्रातकाल बन्दियां को नास्ते मे चाय, गुड़, दलिया दिया गया था तथा दोपहर के भोजन के लिए अरहर की दाल़, आलू मूली की सब्जी, रोटी तैयार की गयी है। निरीक्षण दौरान लीगल एड डिफेंस काउसिंल सिस्टम के चीफ रामऔतार सिंह, डिप्टी रामनरेश नरेश यादव व असिस्टेंट हरेन्द्र मिश्रा व योगेन्द्र सिंह, जेलर राजेश कुमार सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।





