जेपी पावर के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में बड़ा बदलाव हुआ है, जिसमें अदाणी ग्रुप की एंट्री के बाद पांच निदेशकों ने इस्तीफा दे दिया है। अदाणी समूह से जुड़े सावन जयेंद्र पटेल, जयदेब नंदा और नरेश तेलुगू को कंपनी के बोर्ड में नए अतिरिक्त निदेशक के तौर पर नियुक्त किया गया है।
JP Power News: जेपी पावर में अदाणी ग्रुप की एंट्री के बाद कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (JP Power Board Of Directors) में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कंपनी में एक तरफ जहां पांच निदेशकों ने इस्तीफा दिया, वहीं दूसरी ओर अदाणी ग्रुप से जुड़े तीन नए चेहरों को बोर्ड में शामिल किया गया है। ये सभी बदलाव 22 मई 2026 से प्रभावी हो गए हैं।
JP Power की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, बोर्ड ने सावन जयेंद्र पटेल, जयदेब नंदा और नरेश तेलुगू को अतिरिक्त निदेशक के तौर पर नियुक्त किया है। तीनों का ऊर्जा और पावर सेक्टर में लंबा अनुभव रहा है और इनका सीधा या पुराना संबंध अदाणी समूह से जुड़ा हुआ है।
रेजोल्यूशन प्लान किया जा रहा लागू
जेपी पावर (Jaiprakash Power Venture) में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब कंपनी के रेजोल्यूशन प्लान को लागू किया जा रहा है। इसके साथ ही पांच निदेशकों ने अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने वालों में तीन कार्यकारी निदेशक और दो स्वतंत्र निदेशक शामिल हैं।
कार्यकारी निदेशकों में वाइस चेयरमैन और होल-टाइम डायरेक्टर सुनील कुमार शर्मा, मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO सुरेन जैन तथा होल-टाइम डायरेक्टर प्रवीण कुमार सिंह ने पद छोड़ा है। इसके अलावा स्वतंत्र निदेशक दिनेश कुमार लिखी और प्रोफेसर सुरेश चंद्र सक्सेना ने भी इस्तीफा दे दिया है।
कौन हैं अदाणी ग्रुप से जुड़े ये तीन नए चेहरे जिनकी हुई JP Power में एंट्री?
सावन जयेंद्र पटेल JP Power के चीफ कमर्शियल ऑफिसर
सावन जयेंद्र पटेल एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और करीब तीन दशक से अदाणी ग्रुप के साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने साल 1998 में अदाणी समूह जॉइन किया था। फिलहाल वे अदाणी पावर लिमिटेड में चीफ कमर्शियल ऑफिसर (Chief Commercial Officer) के पद पर कार्यरत हैं।
उनके पास कोयला खरीद, बिजली बिक्री, लॉजिस्टिक्स और कमर्शियल ऑपरेशंस का लंबा अनुभव है। कंपनी के थर्मल पावर प्लांट्स के लिए फ्यूल मैनेजमेंट और बिजनेस डेवलपमेंट की जिम्मेदारी भी वे संभाल चुके हैं।
जयदेब नंदा रह चुके हैं चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर
जयदेब नंदा पावर सेक्टर का बड़ा नाम माने जाते हैं। उनके पास 34 साल से ज्यादा का अनुभव है। वे अदाणी पावर में COO और ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस सलाहकार की भूमिका निभा चुके हैं।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत NTPC से की थी और बाद में ईस्टर्न रीजन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर तक पहुंचे। थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स, प्लांट ऑपरेशन और मेंटेनेंस में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
नरेश तेलुगू हैं Adani Green Energy Limited में कार्यरत
नरेश तेलुगू को ऊर्जा क्षेत्र में तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने भारत समेत एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व के कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। नरेश तेलगु अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (Adani Green Energy Limited) में पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट्स (पीएसपी) और हाइड्रोपावर बिजनेस के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर हैं।
इंजीनियरिंग और फाइनेंस दोनों क्षेत्रों में उनकी मजबूत समझ मानी जाती है। साथ ही वे कई इंडस्ट्री काउंसिल और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से भी जुड़े हुए हैं।
जेपी पावर के बोर्ड में हुए इन बदलावों को अदाणी ग्रुप की बढ़ती पकड़ के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में कंपनी की रणनीति और संचालन में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
अदाणी की बोली को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने दी थी मंजूरी
17 मार्च, 2026 को, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने दिवालिया हो चुकी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) को खरीदने के लिए अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) की ₹14535 करोड़ की बोली को मंजूरी दी थी। इस मंजूरी को अनिल अग्रवाल की वेदांता ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) में चैलेंज किया था। लेकिन नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने 4 मई, 2026 को वेदांता की अपील खारिज कर दिया था। 17 मार्च, 2026 को इलाहाबाद NCLT द्वारा दी गई पिछली मंजूरी को बरकरार रखा था।
इस मंजूरी के बाद अब अदाणी रेजोल्यूशन प्लान के तहत जेपी की कंपनियों का अधिग्रहण कर रहे हैं। 21 मई 2026 में पूरी हुई इस अधिग्रहण प्रक्रिया में सीमेंट से जुड़ी प्रमुख संपत्तियां और बुनियादी ढाँचा शामिल हैं, जिससे अदाणी को बाजार में अपनी मौजूदगी का विस्तार करने का अवसर मिलेगा।





