प्राचीन बौद्ध स्थल ‘गढ़ा’ के संरक्षण और विकास के मुद्दे ने अब राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। बहुजन अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय राणा चमार द्वारा दिए गए ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भारत के प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। अपने पत्र में उन्होंने सुल्तानपुर स्थित इस ऐतिहासिक स्थल की उपेक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे संरक्षित करने और विकसित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता बताई है।
सांसद ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि ‘गढ़ा’ बौद्ध इतिहास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है, जिसका उल्लेख विभिन्न बौद्ध ग्रंथों और चीनी यात्री ह्वेनसांग (Xuanzang) के यात्रा-वृत्तांतों में भी मिलता है। इसके बावजूद वर्तमान में यह स्थल बुनियादी सुविधाओं के अभाव और अतिक्रमण जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक साक्ष्यों के बावजूद इस धरोहर की स्थिति जर्जर हो चुकी है, जो न केवल सांस्कृतिक विरासत के लिए खतरा है बल्कि प्रशासनिक उदासीनता को भी दर्शाता है।
संजय सिंह ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं, ताकि ‘गढ़ा’ स्थल का संरक्षण, जीर्णोद्धार और समुचित विकास सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही इसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए ठोस योजना बनाई जाए। स्थानीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर लोगों में उम्मीद जगी है कि सांसद के हस्तक्षेप से इस उपेक्षित धरोहर को नई पहचान मिल सकेगी और सुल्तानपुर को ऐतिहासिक महत्व के अनुरूप सम्मान प्राप्त होगा।





