विनियमित क्षेत्र में अवैध निर्माण पर प्रभावी प्रवर्तन सुनिश्चित किया जाए: जिलाधिकारी
संभल। / बहजोई / अवधनामा संवाददाता कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल की अध्यक्षता में विनियमित क्षेत्र एवं राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विनियमित क्षेत्रों में स्वीकृत एवं लंबित भवन मानचित्रों, प्रवर्तन की कार्यवाही, निर्माणाधीन भवनों, कम्पाउंडिंग के प्रकरणों तथा विनियमित क्षेत्र की समग्र प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों से विनियमित क्षेत्रों की नियमित समीक्षा के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि बिना किसी उचित कारण के भवन मानचित्रों को लंबित न रखा जाए तथा निर्धारित समयावधि में उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी उप जिलाधिकारी नियमित रूप से इसकी समीक्षा करें। साथ ही निर्माण कार्यों के सर्वेक्षण की रिपोर्ट समयबद्ध रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि विनियमित क्षेत्रों के प्रमुख मार्गों पर स्थित निर्माण कार्यों का व्यापक सर्वे कराया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि सड़क किनारे कोई भी निर्माण कार्य स्वीकृत भवन मानचित्र के बिना न किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रवर्तन की कार्यवाही प्रभावी एवं स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए। प्रमुख मार्गों के किनारे हो रहे विकास कार्यों की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कराई जाए, ताकि अनियमित एवं अवैध निर्माण के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जा सके। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए धारा-34 के अंतर्गत निस्तारित एवं लंबित वादों की तहसीलवार समीक्षा की तथा 45 दिवस से अधिक समय से लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त धारा-80, धारा-24, पैमाइश, तालाबों के सत्यापन, अंश निर्धारण, श्रेणी-3 एवं श्रेणी-4 की भूमि, लैंड बैंक, भू-माफिया से संबंधित प्रकरण, विरासत, आईजीआरएस शिकायतों तथा विभिन्न विभागों को आवंटित की जाने वाली भूमि, डम्पिंग यार्ड एवं केंद्रीय विद्यालय हेतु प्रस्तावित भूमि की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सरकारी तालाबों से अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई की प्रतिदिन मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय क्षेत्रों की वाटर बॉडीज़ का सैटेलाइट इमेजरी के माध्यम से सत्यापन कराने तथा उनके स्थलों पर सूचना पट्ट (साइन बोर्ड) स्थापित कराने के निर्देश भी दिए।
साथ ही लैंड बैंक की भूमि को चिन्हित कर उस पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन सरकारी भूमि से संबंधित प्रकरण न्यायालयों में विचाराधीन हैं अथवा जिन पर स्टे आदेश प्रभावी हैं, उनका पृथक संकलन तैयार कर प्रस्तुत किया जाए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सत्यप्रिय सिंह, समस्त उप जिलाधिकारी, समस्त तहसीलदार तथा विनियमित क्षेत्र एवं राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।





