महत्वपूर्ण ख़बर जलालपुर अम्बेडकरनगर इस्लाम धर्म के प्रवर्तक हज़रत मोहम्मद साहब के उत्तराधिकारी व शिया समुदाय के पहले इमाम हज़रत अली अलैहिस्सलाम की शहादत दिवस 21वीं रमजान पर विगत तीन दिनों से जारी शोकाकुल कार्यक्रमों में बीती रात छोटे इमामबाड़ा में अंजुमन जाफरिया के बैनर तले मजलिस के बाद हज़रत अली के ताबूत बरामद किए गए। जहां नौहा ख्वानी व सीनाजनी का दौर जारी रहा। जाफराबाद बड़े इमाम बाड़ा पर देर रात तक जारी मजलिस में मर्सिया ख्वानी के बीच हदीस ख्वान शमीम हैदर ने मौला अली की शहादत को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया। अंजुमन अब्बासिया की नौहा ख्वानी से माहौल गमगीन हुआ।
बुधवार को दोपहर बाद नगर के जाफराबाद स्थित बड़े इमामबाड़ा पर अलविदाई मजलिस को मौलाना जाफर रज़ा जौहरी ने खिताब करते हुए हज़रत अली की शहादत का वर्णन किया तो अजादार अश्क बार हो गए। जुलूस देर शाम उस्मानपुर के रास्ते या अली मौला – हैदर मौला की गमगीन सदाओं के बीच चिलवनिया स्थित कर्बला बड़ी दरगाह पहुंचकर समाप्त हुआ। हुसैनपुर,भीखपुर,उफरौली, सोनगांव, नगपुर,कोरझा समेत समूचे क्षेत्र में 21रमजान के मौके पर पूरी रात्रि मजलिसों का दौर जारी रहा।
जुलूस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसडीएम राहुल गुप्ता,सी ओ अनूप कुमार सिंह भ्रमण शील रहे। कोतवाल अजय प्रताप यादव के अतिरिक्त थानाध्यक्ष कटका,जैतपुर, थानाध्यक्ष मालीपुर,देढ़ सेक्सन पीएसी,सर्किल के थानों से पांच अतिरिक्त उपनिरीक्षक समेत पुलिस बल के जवान तैनात रहे। जुलूस में इब्ने अली जाफरी,कल्बे हसन,अली हैदर,इनाम जाफरी,मोहम्मद अब्बास राजा,मीसम रज़ा, नन्हे प्रधान , मोहम्मद शारिब, शाहिद लल्ला आदि का सहयोग रहा।





