जलालपुर अंबेडकरनगर पैगम्बर हज़रत मोहम्मद साहब की इकलौती बेटी हजरत फात्मा जहरा की शहादत दिवस पर जारी मातमी कार्यक्रमों की कड़ी में नगर व क्षेत्र में अजा -ए-फातिमया में उलमाओं ने जहां तकरीर किया वहीं अंजुमनों ने नौहा पढ़ा। उस्मानपुर स्थित बारगाह हुसैनी में पांच दिवसीय मजलिस- ए- खम्सा की अंतिम मजलिस को मौलाना सैयद समर हैदर जैदी लखनऊ ने खिताब करते हुए कहा कि हज़रत फात्मा जहरा आज की महिलाओं के लिए आदर्श हैं।बेटी, पत्नी और मां के रूप में समाज में अपने किरदार को पेश किया जो दुनिया के लिए बेहतरीन मिसाल हैं।
मौलाना सैयद फ़राज़ वास्ती सेथल बरैली ने बेटियों को बेहतर शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार देने पर बल दिया। इसके अलावा मौलाना नय्यर जुलकरनैन व मौलाना रईस हैदर ने मजलिस को खिताब किया। मर्सिया ख्वानी ज़ीशान हैदर कर्बलाई,हाजी मुअज्जम हुसैन मोहम्मद कासिम ने किया। अकबर अब्बास,शेर अली, रज़ा फ़हीम, हसन अब्बास, बन्ने,एलिया हैदरी ने पेश ख्वानी व संचालन मजाहिर नूरी ने किया। उक्त अवसर पर हाजी हसन रजा, सेवानिवृत्त लेखपाल एजाज हुसैन,हाजी मुससयब,हाजी मेंहदी हसन, शारिब अब्बास लल्ला सभासद ज़फ़र अब्बास समेत तमाम मोमनीन शरीक रहे।





