
लोकसभा से पदोन्नति में आरक्षण संवैधानिक संशोधन 117वां बिल पास कराने व सुप्रीम कोर्ट द्वारा पिछले दिनों पारित आदेश को लागू कराने के लिए 17 जून को डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मारक, गोमती नगर के मेन गेट से निकल कर ताज होटल होते हुए सामाजिक परिवर्तन प्रतीक स्थल से अम्बेडकर स्मारक तक ‘आरक्षण बचाओ पैदल मार्च’ निकाला गया। गौरतलब है कि 17 जून 1995 को पदोन्नति में आरक्षण का 77वां संविधान संशोधन लागू हुआ था।
वहीं आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति, उप्र के संयोजक अवधेश वर्मा ने बताया कि उप्र की भांति बिहार, राजस्थान, उत्तराखण्ड, मध्यप्रदेश, झारखण्ड, छत्तीसगढ़, हरियाणा सहित अन्य राज्यों में आज स्वाभिमान दिवस मनाया गया। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते केन्द्र व उप्र की सरकार ने दलित कार्मिकों के साथ न्याय न किया तो प्रदेश के 8 लाख आरक्षण समर्थक कार्मिक और उनका परिवार 2019 में वोट की ताकत का एहसास कराएगा।
श्री वर्मा ने कहा कि जिस प्रकार से पिछले लगभग साढ़े 4 साल से पदोन्नति में आरक्षण का बिल लम्बित रखकर केन्द्र की मोदी सरकार पूरे देश के लाखों दलित कार्मिकों को अपमानित कर रही है। उससे यह सिद्ध हो गया है कि भाजपा को दलित कार्मिकों से कोई वास्ता नहीं है। समय रहते यदि केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा दलित कार्मिकों को न्याय न दिया गया तो आने वाले समय में सभी राज्यों के दलित कार्मिक दिल्ली में चक्का जाम करेंगें।
सूबे की योगी सरकार से मांग उठाते हुए अवधेश वर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेश के तहत अविलम्ब उप्र की सरकार आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा-3(7) को बहाल करें और जब तक प्रदेश में पदोन्नति में आरक्षण की बहाली का आदेश जारी न हो जाए तब तक सभी विभागों में पदोन्नतियों पर रोक लगाई जाए।
उप्र सरकार से संघर्ष समिति की ओर से मांग करते हुए श्री वर्मा ने कहा कि 1977-78 के बीच प्रदेश में पिछड़े वर्ग के कार्मिकों के लिये पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था विद्यमान थी, जिसे बाद में समाप्त किया गया। उसे उप्र की सरकार पुनः बहाल कर पिछड़े वर्ग के कार्मिकों के लिए पदोन्नति में आरक्षण का रास्ता प्रशस्त करे।
पैदल मार्च में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति, उप्र के अवधेश कुमार वर्मा, केबी राम, डा. रामशब्द जैसवारा, आरपी केन, अनिल कुमार, अजय कुमार, एसपी सिंह, श्याम लाल, अन्जनी कुमार, लेखराम, राकेश पुष्कर, प्रेम चन्द्र, रामेन्द्र कुमार, फूलचन्द्र, रतीराम, प्यारे लाल आदि, रायबरेली के अनिल कांत, राजेश कुमार, नीरज कुमार, अमृतलाल, राजेंद्र कुमार, अवधेश कुमार, राकेश दिवाकर, अमेठी के राम अभिलाख बौद्ध, राकेश कुमार, रामसुमिरन चक्रवर्ती आदि मौजूद थे।





