मजबूरन लभार्थी कच्चे व जर्जर मकान में रहने को मजबूर है ।
चयन के बाद प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना लाभ से वंचित
लखनऊ।सूबे में पी एम सरकार जहाँ एक ओर गरीबो को पक्का आवास देने के लिए प्रधान मंत्री ग्रामीण आवास योजना चला कर पक्का आवास मुहैया कराने के प्रयास में जुटी है वही जिम्मेदार अधिकारी लापरवाही व उदासीनता कर योजना को पलीता लगा रहे है ।योजना में चयन होने के बाद भी करीब एक वर्ष बीत जाने के बाद भी लाभार्थी को योजना का लाभ नही मिल पाया है। मजबूरन लभार्थी कच्चे व जर्जर मकान में रहने को मजबूर है ।

कुसमौरा हलुवा पुर गांव निवासी हीरा लाल यादव की पत्नी बोध रानी का चयन प्रधान मंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत हुआ था। यह चयन वर्ष 2016 -17 की प्रधान मंत्री ग्रामीण आवास योजना की पात्रता सूची में हुआ था। इस पात्रता सूची में बोध रानी का नाम क्रम संख्या 2 पर दर्ज था। जब बोध रानी को प्रधान मंत्री सूची में नाम के चयन की जानकारी हुई तो बोध रानी ख़ुशी से फूली नही समाई ।बोध रानी व उनके पति हीरा लाल को लगा अब उनका भी पक्का मकान बन जायेगा।

और बारिश में कच्चे व जर्जर मकान में टपकते हुए पानी से निजात मिल जायेगी। योजना में चयन होने के सारे मानक पुरे होने के बाद ही सूची में नाम भी प्रकाशित हुआ ।लाभार्थी योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज लेकर ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव के पास चक्कर लगाने लगा ।लेकिन दिन बीतते गये मगर योजना का लाभ नही मिल सका। इतने दिनों में मिला सिर्फ प्रधान व ग्राम सचिब का आश्वासन ।लाभार्थी के पक्का मकान बनने का सपना चकना चूर हो गया ।लभार्थी ने बच्चो को समझा बुझा कर कच्चे व जर्जर मकान में रहने को मजबूर है। लाभार्थी जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही व उदासीनता का शिकार हो गया । हालकि की लाभार्थी मामले की शिकायत कई जगह कर चुका है ।
ग्राम सचिव शिव शंकर का कहना है कि कुल 36 आवास के लिए चयन हुआ है ।चयनित आवासो के सापेक्ष बजट आने पर लाभर्थी बोध रानी के आवास के लिये धनराशि का आवंटन हो सकेगा ।
https://www.youtube.com/watch?v=EDLtmFX4w9o
पंचदेव यादव की रिपोर्ट





