औद्योगिक केंद्र कानपुर में सबसे ज्यादा 70 लोगों को हिरासत में लिया गया तो वहीं राज्य की राजधानी लखनऊ में 50 लोग पकड़े गए हैं. हिरासत में लिए गए अधिकतर लोग पार्टियों से वापस लौट रहे थे, जहां बड़े ट्रैफिक पुलिस ने नाकेबंदी करके सांस विश्लेषक के जरिए उन्हें पकड़ कर हिरासत में ले लिया.
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) आनंद सिंह की तरफ से स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि शराब पीकर वाहन चलाने को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. नए साल की पूर्व संध्या पर सिंह ने जिला पुलिस प्रमुखों को दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया था.
कानपुर के लाजपतनगर में देर रात एक स्थानीय भोजनालय के बाहर उत्पात मचा रहे एक समूह को खदेड़ने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा. उनमें से अधिकतर नशे में थे और वे शराब व खाने के लिए रेस्तरां का गेट तोड़ने का प्रयास कर रहे थे, जबकि रेस्तरां पहले से ही भरा हुआ था.
इसमें लिखा गया था, ‘स्वागत नहीं करोगे 2018 का? लेकिन जरा संभल के…’ जाहिर है कि आप सभी नए साल का जश्न मनाएं, पूरा आनंद उठाएं, लेकिन शराब पीकर गाड़ी नहीं चलाएं. एक अन्य कैंपेन में यूपी पुलिस ने तीन गाड़ियां का फोटो अपलोड किया था. इनमें एबुलेंस, टैक्सी और पुलिस वैन शामिल था.
इसमें नीचे लिखे मैसेज में पूछा गया था, ‘आज आपको घर लेकर कौन जाएगा?’ इससे संदेश से साफ है कि यदि आप शराब पीकर वाहन चलाएंगे तो अस्पताल जाएंगे या फिर पुलिस की गाड़ी में जेल, लेकिन अगर बिना शराब पीए चलेंगे तो टैक्सी या अपनी कार से जा सकते हैं. इस साल पुलिस काफी सख्त रही है
https://www.youtube.com/watch?v=eBIyfSqbc0o






