HomeInternationalअंतरिक्ष में रूस की संदिग्ध हलचल

अंतरिक्ष में रूस की संदिग्ध हलचल

नई दिल्ली। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का तनाव अब अंतरिक्ष तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। रूस का सैन्य उपग्रह कॉसमॉस-2612 (Kosmos 2612) यूक्रेन की सेना को उपग्रह तस्वीरों के जरिए मदद देने वाली कंपनी ICEYE के रडार उपग्रह ICEYE-X36 के बेहद करीब पहुंच गया है। 17–18 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों उपग्रहों के बीच दूरी लगभग पांच किलोमीटर रह गई थी। इस असामान्य गतिविधि ने अंतरिक्ष सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।

आखिर रूस का उपग्रह क्या कर रहा है?

अंतरिक्ष पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों के मुताबिक, कॉसमॉस-2612 ने अपनी कक्षा में बदलाव करते हुए ICEYE-X36 के करीब पहुंचने की दिशा में कई गतिविधियां कीं। अमेरिकी अंतरिक्ष सुरक्षा विश्लेषकों और उपग्रह निगरानी कंपनी LeoLabs ने इस नजदीकी गतिविधि को असामान्य बताया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी दूसरे उपग्रह के इतने करीब पहुंचना महज संयोग नहीं भी हो सकता। इससे उस उपग्रह की निगरानी करने, उसकी गतिविधियों का अध्ययन करने या संभावित रूप से उसके संचालन में बाधा डालने की क्षमता पैदा हो सकती है। हालांकि, रूस की वास्तविक मंशा की अभी सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

यूक्रेन के लिए क्यों अहम है ICEYE-X36?

ICEYE एक फिनलैंड में स्थापित कंपनी है, जो रडार इमेजिंग सैटेलाइट संचालित करती है। इसकी खासियत यह है कि ये उपग्रह रात के अंधेरे और बादलों के बीच भी पृथ्वी की सतह की तस्वीरें लेने में सक्षम हैं। यूक्रेन वर्ष 2022 से सैन्य जरूरतों के लिए ICEYE की सैटेलाइट इमेजरी का इस्तेमाल करता रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट रूप से पुष्ट नहीं हुआ है कि करीब पहुंचा ICEYE-X36 उपग्रह सीधे यूक्रेनी सेना को सहायता दे रहा है या नहीं।

क्या रूस इस सैटेलाइट को नुकसान पहुंचा सकता है?

अंतरिक्ष सुरक्षा विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि इस तरह की नजदीकी गतिविधि से किसी उपग्रह की निगरानी की जा सकती है और भविष्य में उसके संचालन में हस्तक्षेप का जोखिम पैदा हो सकता है। लेकिन अभी तक ऐसा कोई सार्वजनिक प्रमाण सामने नहीं आया है कि कॉसमॉस-2612 ने ICEYE-X36 को नुकसान पहुंचाया है या उसे निष्क्रिय करने की कोशिश की है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस घटना पर लगातार नजर रखना जरूरी है, क्योंकि आधुनिक युद्ध में उपग्रहों से मिलने वाली खुफिया जानकारी, सैन्य गतिविधियों की निगरानी और रणनीतिक योजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

अंतरिक्ष में बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने बढ़ाई चिंता

रूस की इस गतिविधि ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अंतरिक्ष अब सैन्य प्रतिस्पर्धा का नया मोर्चा बनता जा रहा है। विभिन्न देश संचार, निगरानी और सैन्य खुफिया जानकारी के लिए अंतरिक्ष आधारित तकनीक पर निर्भर हैं। ऐसे में किसी दूसरे देश या कंपनी के उपग्रह के बेहद करीब पहुंचने की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बन सकती हैं।

 

 

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