नई दिल्ली। ऑनलाइन ग्रॉसरी और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से सामान मंगाने वाले ग्राहकों के लिए खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) और विभिन्न राज्यों के खाद्य सुरक्षा विभागों ने हाल के दिनों में कई कंपनियों के गोदामों और ऑनलाइन बिकने वाले खाद्य उत्पादों की जांच की है। जेप्टो समेत कई प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग मामलों में नियमों के उल्लंघन के आरोप सामने आए हैं। इन कार्रवाइयों ने सवाल खड़ा किया है कि कुछ ही मिनटों में घर तक सामान पहुंचाने की होड़ में खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता का कितना ध्यान रखा जा रहा है।
जेप्टो पर क्या हुई कार्रवाई?
जेप्टो के खिलाफ अलग-अलग जगहों पर खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई की गई है। अगस्त 2026 में कर्नाटक के होसकोटे स्थित उसके एक गोदाम को खाद्य सुरक्षा विभाग ने निरीक्षण के बाद सील कर दिया था। अधिकारियों ने वहां खाद्य उत्पादों की गलत लेबलिंग, अस्वच्छ भंडारण और रखरखाव से जुड़ी कमियां पाईं। इस मामले में ₹25,000 का जुर्माना भी लगाया गया था।
महाराष्ट्र में भी अक्टूबर 2026 के दौरान मुंबई के भांडुप स्थित जेप्टो परिसर का लाइसेंस खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी गंभीर कमियां पाए जाने के बाद निलंबित किया गया। हालांकि, इस कार्रवाई के संबंध में जारी विवरण में बेसन की गुणवत्ता को निलंबन का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। इसलिए खराब बेसन की डिलीवरी से जुड़े आरोप और गोदाम पर हुई कार्रवाई को अलग-अलग तथ्यों के आधार पर समझना जरूरी है।
आखिर ग्राहकों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
- सामान मिलने पर पैकेट की सील, निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें।
- बेसन, आटा, दूध या अन्य खाद्य सामग्री में असामान्य गंध, रंग या पैकेजिंग दिखे तो उसका इस्तेमाल न करें।
- खराब या संदिग्ध उत्पाद की तस्वीर, बिल और बैच नंबर सुरक्षित रखें।
- शिकायत पहले संबंधित प्लेटफॉर्म पर दर्ज करें। खाद्य सुरक्षा से जुड़ी शिकायत FSSAI के Food Safety Connect पोर्टल या ऐप के माध्यम से भी की जा सकती है।





