नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों के वैल्यूएशन में संभावित कमी का असर वैश्विक पूंजी के प्रवाह पर पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में भारत जैसे बाजारों में विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ने की संभावना बन सकती है।
RBI गवर्नर के मुताबिक, वैश्विक निवेशकों के बीच AI कंपनियों के ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर यदि पुनर्मूल्यांकन होता है, तो निवेश के लिए पूंजी के दूसरे बाजारों की ओर रुख करने की गुंजाइश बढ़ सकती है। भारत की मजबूत आर्थिक गतिविधियों और वित्तीय बाजारों को देखते हुए इससे देश में पूंजी प्रवाह को समर्थन मिल सकता है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वैश्विक वित्तीय परिस्थितियों में बदलाव का असर उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ सकता है। ऐसे में भारत के लिए विदेशी पूंजी प्रवाह के साथ-साथ वित्तीय स्थिरता पर नजर बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।





