अमेठी। जनपद में गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में कल बुधवार को विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।स्वामी परमहंस आश्रम टीकर माफी बाबूगंज सागराश्रम सहित विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। गुरु शिष्य परंपरा का प्रतीक यह पर्व प्राचीन काल से ही मनाया जाता है।बताया जाता है कि इसी दिन से गुरु शिष्य परंपरा की शुरुआत हुई। हमारे देश में आज भी गुरु शिष्य परंपरा कायम है। प्राचीन काल में आश्रम पद्धति शिक्षा केन्द्र रही।आज भी दीक्षा लेने की परंपरा है। इस दिन शिष्य अपने गुरु का दर्शन और पूजन अवश्य करते हैं।
आषाढ़ मास की पूर्णिमा को यह पर्व पारंपरिक तरीके से मनाया जाता है।आश्रमों में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसके अलावा गृहस्थ अपने गुरुओं का दर्शन और पूजन करने के लिए उन तक पहुंचने के तैयारी में जुट गए हैं।स्वामी परमहंस आश्रम टीकरमाफी में भी गुरु पूर्णिमा पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।जिनके गुरु अब इस संसार मे नहीं हैं उनके चित्र के समक्ष शिष्य पूजन करते हैं। महर्षि वेद व्यास का जन्म आषाढ़ पूर्णिमा को हुआ था।यह पर्व उन्ही को समर्पित है।क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग मंगलवार को अयोध्या और हरिद्वार ऋषिकेश के लिये अपने गुरु का पूजन करने के लिये रवाना हुये।





