गोण्डा। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती एकता सिंह ने शुक्रवार को सर्किट हाउस में आयोजित महिला जनसुनवाई में महिलाओं की समस्याएं सुनते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों का समयबद्ध, निष्पक्ष और संवेदनशील तरीके से निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को न्याय दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता है और शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जनसुनवाई के दौरान कुल 16 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 5 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष 11 मामलों को संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया।
इससे पहले महिला आयोग सदस्य ने विकासखंड झंझरी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र और प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण कर बच्चों की उपस्थिति, पोषण, स्वच्छता और शैक्षिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने सीएचसी पंडरी कृपाल पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं, प्रसूति सुविधाओं और मरीजों को मिल रही चिकित्सा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने जिला जेल की महिला बैरक और महिला सेल का भी निरीक्षण कर वहां रह रही महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली तथा आवश्यक निर्देश दिए।
बाद में सीएचसी मुजेहना में आयोजित कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम में नवजात कन्या से केक कटवाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि बेटियां परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर हैं तथा उनके जन्म को उत्सव के रूप में मनाना समाज में सकारात्मक सोच का प्रतीक है। इस अवसर पर 11 नवजात कन्याओं को हिमालय बेबी किट, तौलिया और वस्त्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी, संरक्षण अधिकारी चंद्र मोहन वर्मा, सेंटर मैनेजर चेतना सिंह, डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर शिवेंद्र श्रीवास्तव, जेंडर स्पेशलिस्ट ज्योत्सना सिंह, राज कुमार आर्य सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।





