इटावा। रिजर्व पुलिस लाइन स्थित सभागार में वामा सारथी उत्तर प्रदेश पुलिस फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में वामा सारथी अध्यक्षा श्रीमती रीना श्रीवास्तव(धर्मपत्नी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव)की अध्यक्षता में पर्यावरण संरक्षण,जल संरक्षण एवं प्लास्टिक मुक्त भारत विषय पर एक जागरूकता बैठक आयोजित की गई।बैठक में वामा सारथी सदस्य श्रीमती अर्चना त्रिपाठी(धर्मपत्नी अभयनाथ त्रिपाठी,अपर पुलिस अधीक्षक नगर),श्रीमती शोभा रानी पत्नी श्रीश चन्द्र,अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण)एवं श्रीमती वन्दना शर्मा (धर्मपत्नी श्री संतोष सिंह,अपर पुलिस अधीक्षक अपराध),क्षेत्राधिकारी लाइन/जसवन्तनगर सुश्री आयुषी सिंह,पुलिस मॉडर्न स्कूल की शिक्षिकाएं,छात्र-छात्राएं, पुलिस परिवार की महिलाएं तथा पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से विद्यार्थियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण,जल बचाओ,प्लास्टिक मुक्त भारत एवं आर.ओ.जल के पुनःउपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता संदेशों से युक्त आकर्षक फ्लैक्स एवं जन-जागरूकता प्रदर्शन प्रस्तुत किए गए। उपस्थित सभी अधिकारियों,कर्मचारियों एवं पुलिस परिवार के सदस्यों ने वामा ईको चैंप के रूप में पर्यावरण संरक्षण की शपथ ग्रहण करते हुए अधिकाधिक वृक्ष लगाने,जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने, एकल उपयोग प्लास्टिक का बहिष्कार करने तथा स्वच्छ एवं हरित वातावरण के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का संकल्प लिया।उपरांत पुलिस लाइन स्थित बाल उद्यान एवं पुलिस मॉडर्न स्कूल परिसर में वामा सारथी के तत्वावधान में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया,जिसमें सभी उपस्थित अधिकारियों,पुलिस परिवार की महिलाओं एवं बच्चों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।साथ ही लगाए गए पौधों के नियमित संरक्षण एवं संवर्धन का भी संकल्प लिया गया।
वामा सारथी अध्यक्षा श्रीमती रीना श्रीवास्तव ने उपस्थित सभी से आह्वान किया कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस का कार्यक्रम नहीं,बल्कि प्रत्येक नागरिक का सतत दायित्व है।जल संरक्षण,प्लास्टिक के उपयोग में कमी तथा अधिकाधिक वृक्षारोपण के माध्यम से ही भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं हरित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।आइए,प्रकृति के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाएं,उनका संरक्षण करें,जल की प्रत्येक बूंद का महत्व समझें तथा प्लास्टिक मुक्त एवं हरित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें।





