अन्नदाता की मेहनत पर फिरा पानी, धरौन सहकारी समिति में सड़ गया हजारों कुंतल गेहूं
महोबा। बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति धरौन में रखा 6747 क्विटल गेहूं पिछले दो दिन से हो रही बारिश के पानी में भीगकर बर्बाद हो गयाए जिससे किसानों में मेहनत और सरकारी धन बर्बाद हो गया। क्षेत्रीय ग्रामीणों ने समिति कर्मचारियों की लापरवाही के चलते बारिश का मौसम होने के बाद भी गेहूं को खुले आसमान के नीचे रखे रहने का और समय से अनाज का उठान न किए जाने का आरोप लगाया है।
कबरई विकासखंड स्थित धरौन गांव की बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति में सरकारी गेहूं के भंडारण में बड़ी लापरवाही सामने आई है। सहकारी समिति परिसर में किसानों से खरीदा गया 6,747 कुंतल गेहूं खुले आसमान के नीचे रखा था। पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के कारण बड़ी मात्रा में गेहूं भीग गयाए अंकुरित हो गया और खराब होने लगा। कर्मचारियों ने अनाज की बोरियों को बससाती पन्नी से ऊपर से ढकाए लेकिन बोरियां जमीन पर रखी होने के कारण नीचे पानी पड़ने से भीग गई। ग्रामीणों ने बतया कि समिति के गोदाम पहले से भरे होने के कारण नए खरीदे गए गेहूं को बाहर रखना पड़ा। मौसम विभाग लगातार बारिश की चेतावनी जारी कर रहा था।
विनोदए हरिदास सहित अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि परिवहन की जिम्मेदारी संभाल रहे ठेकेदार ने समय पर वाहन उपलब्ध नहीं कराएए जिसके कारण हजारों कुंतल गेहूं खुले में ही पड़ा रहा। बताया कि कई बार अधिकारियों को अनाज उठाने की मांग की गईए लेकिन कोई वाहन नहीं भेजा गया। बताया कि किसानों ने खून.पसीने की मेहनत से पैदा किया गेहूं समिति को बेचा थाए लेकिन समय पर उठान न होने से वह बारिश में सड़ गया। बताया कि समिति सचिव ने भी उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर अनाज को सुरक्षित गोदामों या अन्य सरकारी भंडारण केंद्रों में स्थानांतरित कराने की मांग की थीए लेकिन समय पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। बारिश में खराब हुए गेहूं का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।





