मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 23.37 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है संग्रहालय का भवन
आंतरिक साज सज्जा और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च होंगे 18.42 करोड़ रुपये
स्ट्रक्चरल कार्य पूरा, फिनिशिंग के काम में भी आई तेजी
संग्रहालय में दिखेगी गोरखपुर की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत
गोरखपुर। गोरखपुर को केंद्र में रखकर पूर्वांचल की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रदर्शन को मंच देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन का प्रतिफल गोरखपुर का गौरव संग्रहालय तकरीबन आकार ले चुका है। गौरव संग्रहालय के निर्माण का कार्य 97 प्रतिशत भौतिक प्रगति के साथ अब अंतिम दौर में है। सभी तरह के स्ट्रक्चरल कार्य पूर्ण हैं और फिनिशिंग के काम में भी तेजी आ चुकी है।
गौरव संग्रहालय का निर्माण पुलिस लाइन के सामने किया जा रहा है। प्रथम चरण के अंतर्गत मुख्य भवन के निर्माण पर 23.37 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। जबकि दूसरे चरण के कार्य में 18.42 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पहले चरण में 23.36 करोड़ रुपये की लागत से भवन का ढांचा तकरीबन तैयार हो चुका है। जबकि आंतरिक साज-सज्जा और अन्य व्यवस्थाओं के लिए तय रकम की पहली किश्त शासन से जारी हो चुकी है। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने करीब 97 प्रतिशत कार्य करा लिए हैं।
सीएम योगी की मंशा के अनुरूप गौरव संग्रहालय में कुल सात गैलरियां होंगी जिनमें वैदिक काल से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन तक से जुड़ी विरासतों को प्रदर्शित किया जाएगा। डिजिटल डिस्प्ले, साउंड-लाइट इफेक्ट से समन्वित ये गैलरियां वैदिक काल, बुद्ध काल, जैन काल, नाथ पीठ, संतकबीर और स्वतंत्रता संग्राम में पूर्वांचल की भूमिका पर केंद्रित होंगी। संग्रहालय में म्यूरल्स पेंटिंग्स और टेराकोटा मूर्तियों के जरिये पूर्वी उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को भी प्रतिष्ठित किया जाएगा।
गौरव संग्रहालय में आने वाले लोगों की सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। यहां कैफेटेरिया, कॉन्फ्रेंस हॉल, पार्किंग जैसी व्यवस्थाएं होंगी। इसे खास पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है जहां एक प्रेक्षागृह भी होगा। प्रेक्षागृह की क्षमता करीब 500 दर्शकों की होगी। पर्यटन विभाग के उप निदेशक राजेंद्र प्रसाद के अनुसार गौरव संग्रहालय के प्रथम चरण में भवन का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। दूसरे चरण का काम भी शुरू हो गया है। प्रयास है कि जल्द से जल्द सभी काम पूरा कराके इस संग्रहालय को जनता को समर्पित कर दिया जाए।





