गोण्डा। मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल के समक्ष प्राप्त जनशिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण का एक और उदाहरण सामने आया है। वर्षों से बंद पड़े पुश्तैनी रास्ते के मामले में प्रशासन की सक्रिय पहल से पीड़ित परिवार को न्याय मिला और अब वह अपने घर से सार्वजनिक मार्ग तक निर्बाध आवागमन कर पा रहा है। ग्राम पंचायत सुरती, मौजा रामनगर, तहसील सदर निवासी भवानीभीख गुप्ता पुत्र रामसमुझ गुप्ता ने कुछ समय पूर्व मंडलायुक्त को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी कि गांव के कुछ लोगों ने दबंगई के बल पर उनके पुश्तैनी रास्ते और निकास को लगभग चार वर्षों से अवरुद्ध कर रखा है।
इसके कारण परिवार को घर से निकलने के लिए दूसरे के खेतों से होकर गुजरना पड़ता था। इतना ही नहीं, विरोधियों द्वारा परिवार के आवागमन में लगातार बाधा उत्पन्न की जा रही थी। पीड़ित परिवार ने थाना दिवस, तहसील दिवस तथा विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष कई बार शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल एवं अपर आयुक्त मीनू राणा से मिलकर अपनी समस्या बताई। मंडलायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासनिक प्रयासों के बाद बंद रास्ते को खुलवाया गया और पीड़ित परिवार के लिए घर से सार्वजनिक मार्ग तक आने-जाने का रास्ता सुचारु रूप से बहाल करा दिया गया।
न्याय मिलने से उत्साहित भवानीभीख गुप्ता अपने परिवार के साथ मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचे। उनके साथ पत्नी सूर्यकला, पुत्र विजय कुमार, बहुएं सुशीला देवी एवं किरण देवी तथा पोते-पोतियां भी मौजूद रहे। परिवार ने मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल का सम्मान कर उनका आभार व्यक्त किया और कहा कि वर्षों से चली आ रही उनकी परेशानी का अंत हुआ है। इस अवसर पर पीड़ित परिवार की ओर से सहयोग करने वाले अधिवक्ता श्रीराम गुप्ता भी उपस्थित रहे। स्थानीय लोगों ने भी इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण से आमजन का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हुआ है।





