बिछड़ा दंपति फिर हुआ एक
चन्दौली। चहनियां विकास खंड के रामगढ़ स्थित अघोराचार्य बाबा कीनाराम जी की जन्मस्थली के सभागार में गुरुवार को आयोजित पंचायत में चार वर्षों से चले आ रहे एक पारिवारिक विवाद का सफलतापूर्वक समाधान कर लिया गया। करीब आठ घंटे तक चली इस पंचायत में क्षेत्र के लगभग 70 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान, जनप्रतिनिधि और सम्मानित नागरिक शामिल हुए। सभी के सामूहिक प्रयास से पति-पत्नी के बीच चला आ रहा विवाद समाप्त हुआ और दोनों परिवारों में पुनः सुलह हो गई। जानकारी के अनुसार, सराय रसूलपुर निवासी शिवांगी देवी की शादी लगभग चार वर्ष पूर्व राया गांव निवासी गौतम यादव से हुई थी। विवाह के कुछ समय बाद पारिवारिक विवाद इतना बढ़ गया कि मामला थाना, कोर्ट और कचहरी तक पहुंच गया। दोनों पक्षों के बीच रिश्ता लगभग टूटने की स्थिति में था और समझौते की संभावना भी बेहद कम दिखाई दे रही थी।
गुरुवार को बाबा कीनाराम जी की जन्मस्थली स्थित सभागार में पंचायत बुलाई गई। पंचायत में दोनों पक्षों के परिजन तथा क्षेत्र के बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान और सम्मानित लोग मौजूद रहे। लंबे विचार-विमर्श और समझाइश के बाद दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने का निर्णय लिया। ग्राम प्रधान एवं प्रशासक आशुतोष कुमार सिंह उर्फ रिंकू सिंह ने बताया कि सभी लोगों के सहयोग, धैर्य और सकारात्मक प्रयास से यह कठिन समझौता संभव हो सका। उन्होंने कहा कि जब सभी लोग निराश हो चुके थे, तब भी पंचायत ने हार नहीं मानी और अंततः दोनों परिवारों को फिर से एक करने में सफलता मिली। उन्होंने इसे बाबा कीनाराम जी की कृपा और सभी पंचों के सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया।
रिंकू सिंह ने बताया कि बलुआ थाना प्रभारी अरुण कुमार सिंह का भी इस मामले में महत्वपूर्ण सहयोग रहा। उन्होंने पंचायत के माध्यम से विवाद सुलझाने की पहल का समर्थन किया, जिससे शांतिपूर्ण समाधान का रास्ता आसान हुआ। समझौते के बाद दोनों पक्षों ने स्टांप पेपर पर लिखित सहमति दी। इसके पश्चात बाबा कीनाराम जी के दरबार में माथा टेककर आशीर्वाद लिया गया और पंचायत की उपस्थिति में सम्मानपूर्वक विदाई की प्रक्रिया संपन्न हुई। इस अवसर पर ग्राम प्रधान रमाकांत यादव, नारद यादव, पूर्व प्रधान सूबेदार सिंह, सुरेंद्र मौर्य, मंगल यादव, महादेव, राम मुराहू यादव, श्रवण कुशवाहा, छगुर यादव, राजेंद्र यादव, मनोज सिंह, रमेश सिंह, रवि यादव, लोरी यादव, श्रीरि सिंह, सुमित्रा देवी, वीरेंद्र यादव, रविशंकर, सीताराम, अशोक यादव, बनारसी यादव सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। यह पंचायत क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने इसे सामाजिक एकता, आपसी संवाद और पंचायत व्यवस्था के माध्यम से पारिवारिक विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।





