बिलग्राम, हरदोई। उप-निबंधक कार्यालय को पुराने जर्जर भवन से हटाकर नई तहसील परिसर में स्थानांतरित किए जाने की मांग को लेकर बिलग्राम के अधिवक्ताओं ने आंदोलन शुरू कर दिया है। बिलग्राम अधिवक्ता वेलफेयर एसोसिएशन एवं बिलग्राम तहसील बार एसोसिएशन के संयुक्त नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
अधिवक्ताओं का कहना है कि वर्तमान में उप-निबंधक कार्यालय जिस पुराने तहसील भवन में संचालित हो रहा है, उसकी स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है। भवन की खराब हालत के कारण किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा कार्यालय परिसर में पार्किंग, पेयजल, बैठने की व्यवस्था सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिससे आम नागरिकों, किसानों तथा अधिवक्ताओं को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अधिवक्ताओं ने बताया कि वर्ष 1997 से नई तहसील परिसर से तहसील का संचालन किया जा रहा है और अधिकांश प्रशासनिक कार्यालय भी वहीं स्थापित हैं। इसके बावजूद उप-निबंधक कार्यालय का पुराने भवन में संचालित होना लोगों की समझ से परे है। उनका कहना है कि नई तहसील परिसर में पर्याप्त स्थान उपलब्ध है तथा वहां एक उपयुक्त भवन भी खाली पड़ा है, जहां कार्यालय को आसानी से स्थानांतरित किया जा सकता है।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि इस मांग को कई वर्षों से शासन और प्रशासन के समक्ष उठाया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासनिक उदासीनता के विरोध में अधिवक्ताओं ने 1 जुलाई 2026 से आंदोलन का ऐलान किया और मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही।
आंदोलन के दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामप्रसाद आर्य, जाबिर हुसैन, करिमुल्ला खां, मो. फैयाज वारसी, नीलू सिंह, फिरोज अकरम, डी.के. द्विवेदी, सईद सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।





