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लखनऊ अग्निकांड : वीरेंद्र शुक्ल ने बनाया था एक और अवैध कॉम्प्लेक्स, विभान ने किया सील; अब पुलिस भी दर्ज करेगी FIR

अलीगंज अग्निकांड के आरोपी वीरेंद्र प्रसाद शुक्ल और सुरेंद्र प्रसाद शुक्ल की मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि उन्होंने अपनी पत्नी के नाम पर एक और अवैध व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाया था। एलडीए ने इस आवासीय भूखंड पर बने चार मंजिला अवैध कॉम्प्लेक्स को सील कर दिया है और पुलिस भी एफआईआर दर्ज करने की तैयारी में है।

लखनऊ। अलीगंज के जिस अवैध व्यावसायिक काम्प्लेक्स में पिछले दिनों भीषण आग से 15 लोगों की मौत हो गई थी। उसके मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ल और सुरेंद्र प्रसाद शुक्ल की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। अग्निकांड वाले स्थल के पास में ही वीरेंद्र प्रसाद शुक्ल और सुरेंद्र प्रसाद शुक्ल ने एक और अवैध काम्प्लेक्स खड़ा कर लिया था।

इस अवैध काम्प्लेक्स का निर्माण भी भूउपयोग के विपरीत किया गया था। जिस भूखंड पर यह अवैध काम्प्लेक्स तैयार किया गया है, वह विमला शुक्ला के नाम है। विमला शुक्ला वीरेंद्र प्रसाद शुक्ल की पत्नी हैं। इस मामले में पुलिस जांच कर रही है। उसी तरह की लापरवाही मिलने पर अलीगंज पुलिस मुकदमा दर्ज करेगी। वहीं, शुक्रवार को मोहर्रम के कारण एलडीए की सीलिंग की कार्रवाई धीमी रही। कुल 21 प्रतिष्ठानों को सील किया गया।

शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रही सीलिंग

अग्निकांड के बाद शहर भर में अग्निशमन सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सीलिंग शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रही। जिस अवैध काम्प्लेक्स में आग लगी थी, उससे कुछ ही दूरी पर वीरेंद्र प्रसाद शुक्ल और सुरेंद्र प्रसाद शुक्ल ने एलडीए की अलीगंज योजना का आवासीय भूखंड खरीदा था। अलीगंज के सेक्टर डी स्थित भूखंड संख्या ए3/89 एलडीए के कागजों में प्रेरणा सिंह और विमला शुक्ला के नाम पर आवंटित है।

यह भी आवासीय भूखंड है। जिस पर सेटबैक को पूरा कवर करते हुए बेसमेंट के अलावा चार मंजिला निर्माण किया गया है। एलडीए के विहित प्राधिकारी विपिन शिवहरे की टीम ने जब जांच की तो मौके पर कोई नहीं मिला। इस संपत्ति से जुड़ा कोई मानचित्र भी नहीं दिखाया गया। अग्निकांड के बाद ही इस काम्प्लेक्स की सभी दुकानों और आफिस में ताला लगा दिया गया है।

एलडीए के अधिकारियों ने संपत्ति विभाग से इसकी फाइल निकालकर जांच की तो इसके स्वीकृत मानचित्र की कोई डिटेल ही नहीं मिली। हालांकि एलडीए अधिकारियों की मानें तो घटनास्थल की तरह ही इसका निर्माण भी एकल यूनिट का आवासीय मानचित्र स्वीकृत कराकर हो सकता है।

वहीं, कोचिंग सेंटरों में पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य को लेकर जारी चिंताओं को देखते हुए एलडीए ने संचालकों के साथ शनिवार और रविवार को एक मीटिंग रखी है।

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