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मैक्स हॉस्पिटल, नोएडा के डॉक्टरों ने कॉम्प्लेक्स ओरल कैंसर सर्जरी कर अलीगढ़ के मरीज को दी नई जिंदगी,

अलीगढ़। मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, नोएडा के डॉक्टरों ने एडवांस स्टेज ओरल कैंसर से पीड़ित अलीगढ़ के *58-वर्षीय मरीज का सफल उपचार करते हुए उनके जबड़े का कॉम्प्लेक्स रिकंस्ट्रक्शन किया। इस अत्यंत चुनौतीपूर्ण सर्जरी के माध्यम से मरीज की चेहरे की संरचना के साथ-साथ बोलने, चबाने और निगलने जैसी महत्वपूर्ण कार्यक्षमताओं को भी सफलतापूर्वक बहाल किया गया।

यह जानकारी साझा करते हुए हॉस्पिटल के डायरेक्टर एवं प्रिसिपल डॉ. एस. एम. शोएब ज़ैदी द्वारा बताया गया कि मरीज मेहताब अख्तर*, पहले से ही टाइप-2 डायबिटीज मेलिटस और हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित थे। जांच के दौरान उन्हें मुंह के निचले हिस्से यानी जीभ के नीचे स्थित टिशूस में होने वाले स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा (ओरल कैंसर) का पता चला। अलीगढ़ में प्रारंभिक निदान के बाद उन्हें विशेष कैंसर उपचार के लिए मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, नोएडा रेफर किया गया।

मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, नोएडा, में विस्तृत जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि लगभग 3×2 सेंटीमीटर आकार का ट्यूमर जीभ की मांसपेशियों पर दबाव बना रहा था और बाएं हिस्से के जबड़े की हड्डी तक फैल चुका था, जिससे हड्डी को काफी नुकसान पहुंचा था।

इसके बाद डॉ. एस. एम. शोएब ज़ैदी के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने कैंसर को पूरी तरह हटाने और मरीज के चेहरे की बनावट, बोलने की क्षमता, निगलने की प्रक्रिया तथा जीवन की गुणवत्ता को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एक व्यापक सर्जिकल योजना तैयार की। जब ओरल कैंसर जबड़े तक पहुंच जाता है तो उसका उपचार काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है, क्योंकि कैंसर को पूरी तरह निकालने के साथ-साथ मरीज की बोलने, चबाने और निगलने जैसी महत्वपूर्ण क्षमताओं को भी संरक्षित रखना आवश्यक होता है।

इस मामले में कैंसर जबड़े की हड्डी तक फैल चुका था, इसलिए व्यापक सर्जरी की आवश्यकता थी। हमारा मुख्य उद्देश्य पर्याप्त सुरक्षा सीमा के साथ कैंसर को पूरी तरह हटाना और मरीज को सामान्य जीवन के करीब वापस लाना था। हमने कैंसर से प्रभावित जबड़े के हिस्से को हटाने के साथ आसपास की लिम्फ नोड्स को भी निकाला ताकि बीमारी के फैलाव को रोका जा सके।

इसके बाद मरीज के पैर से हड्डी और टिशूस लेकर जबड़े का रिकंस्ट्रक्शन किया गया। इस प्रकार की सर्जरी में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और रिकंस्ट्रक्टिव टीमों के बीच उत्कृष्ट समन्वय तथा डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी को-मोर्बिडिटीस का सावधानीपूर्वक प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस प्रकार मरीज को काफी चुनौती पूर्ण सर्जरी कर नई जिंदगी प्रदान की।

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