इटावा। इमाम हुसैन के 6 माह के मासूम बेटे हज़रत अली असगर की शहादत पर घटिया अज़मत अली स्थित अली मेहंदी के घर पर मजलिस का आयोजन हुआ जिसमें अली असगर के झूले की जियारत बरामद हुई।मजलिस में तकरीर करते हुए मौलाना अनवारुल हसन जैदी इमामे जुमा इटावा ने कहा कि कर्बला में सबसे छोटे मासूम अली असगर ने अपनी कुर्बानी देकर इमाम हुसैन की जीत का परचम लहराया।मासूम अली असगर तीन दिन की भूख प्यास से तड़प रहे थे जब हुसैन उन्हें पानी पिलाने मैदाने जंग में ले गए तो उन्हें पानी की जगह जहर से बुझे तीर से हमला करके उन्हें शहीद कर दिया गया।
घटिया अजमत अली इमामबाड़े में मुस्ते हसन डौली,सराये शेख स्थित मस्जिद में तस्वीर हैदर अंजुम, दरगाह हजरत अब्बास महेरे पर फराज हुसैन शारू,बड़ा इमामबाड़ा पक्की सराये पर गुलामुस सैयदेन,शरीफ मंजिल सैदबाड़ा इमामबाड़े में राहत अक़ील, आलमपुरा इमाम बारगाह में शारिक सगीर शानू की ओर से मजलिसें हुईं। मौलाना डा.सैयद एजाज़ अली सीवान बिहार,मौलाना सैयद अली मेहदी जैदी नजफी मजलिसों में तसलीम रजा, सलीम रजा,जहूर नक़वी,सफीर हैदर ने सोजख्वानी की।अहमद जाफर ईरानी, तनवीर हसन,राहिल सगीर,सैफू,जीशान हैदर,समर सगीर ने नोहा ख्वानी की। मजलिसों में अल्हाज कमर अब्बास नक़वी करबलाई,हाजी अरशद मरगूब, नजमुल हसन,शावेज़ नक़वी,मुशीर हैदर, आरिफ हैदर,राहत हुसैन रिज़वी सहित बड़ी संख्या में युवाओं व बच्चों ने भाग लिया।





