ब्राह्मण एकता परिषद के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर बिहार के भोजपुर जिले में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत तिवारी प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। इस संबंध में राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भरत तिवारी समाज और गांव के विकास के लिए कार्य करने वाले युवा थे। संगठन का आरोप है कि उनकी मृत्यु संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है, जिसकी निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान दीपा तिवारी ने कहा कि भरत तिवारी देश और समाज के लिए कार्य करने वाले युवा थे तथा मामले में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए न्याय की मांग की।
गौरतलब है कि भोजपुर (आरा) जिले के बिलौरी गांव में 17 जून को पुलिस मुठभेड़ में भरत तिवारी की मौत हुई थी। घटना को लेकर पुलिस और परिजनों के दावों में मतभेद सामने आए हैं।





