क्या आप जानते हैं कि आपके चेहरे पर 12 ऐसे बिंदु हैं, जो आपकी पहचान बताते हैं? जी हां, ये बिंदु ताउम्र नहीं बदलते और आपकी आइडेंटिटी का अहम हिस्सा हैं।
उम्र के साथ हमारा चेहरा बदलता रहता है। इसलिए पहचान के लिए सबसे सटीक तरीका बायोमेट्रिक्स माना जाता है, जैसे अंगूठे के निशान। लेकिन दुर्घटना या अपराध के मामलों में सड़ी-गली बॉडी को पहचानने में ये तरीके भी काम नहीं आ पाते।
ऐसी स्थिति में शव की पहचान करना पुलिस और फॉरेंसिक टीम के लिए काफी मुश्किल हो जाता है। हालांकि, अब इस मुसीबत का हल ढूंढ लिया गया है। हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च में सामने आया है कि इंसान के चेहरे पर 12 ऐसे खास बिंदु होते हैं, जो कभी नहीं बदलते और इन बिंदुओं की मदद से सड़े-गले शवों की सटीक पहचान मुमकिन हो सकेगी।
चेहरे के वो 12 बिंदु जो हैं आपकी असली पहचान
दुनिया में हर इंसान के चेहरे की बनावट अलग होती है और ये इन खास बिंदुओं की वजह से ही होता है। ये बिंदु उम्र के साथ बदलते नहीं है और इनकी नकल करना या इनमें हेरफेर करना नामुमकिन है। इसलिए ये व्यक्ति की पहचान करने में काफी मददगार हैं। चेहरे के ये 12 बिंदु हैं-
- दो आंखों के बीच की दूरी
- नथुनों का नीचे का हिस्सा
- नोज ब्रिज यानी नाक के ऊपर का हिस्सा
- भौंहों के किनारे वाले छोर
- होंठों के आखिरी छोर
- जबड़े की संरचना
- आंखों के सॉकेट की हड्डी की संरचना
- नाक और आंख के बीच की दूरी
- नाक और कान के बीच की दूरी
- आंख की आइरिस का पैटर्न
- नाक और ठोड़ी की दूरी
98% सटीक नतीजे
इस रिसर्च की शुरुआत साल 2011 में आईआईटी के साथ मिलकर की गई थी, जिसका नाम ‘फेस रिकग्निशन फॉर द आइडेंटीफिकेशन एंड वैरिफिकेशन ऑफ ए पर्सन’ है। यह रिसर्च अलग-अलग स्टेज से गुजरते हुए इंटरनेशनल जर्नल में भी पब्लिश हो चुका है।
शुरुआती स्टेज में इस पर 2D फेस इमेज के जरिए काम शुरू हुआ था, लेकिन तकनीक के अपग्रेड होने के बाद 3D तकनीक को अपनाया गया। 3D इमेजिंग से चेहरे के इन बिंदुओं को काफी गहराई तक देखा जा सकता है। खास बात यह भी है कि 3D तकनीक से मिलने वाले नतीजे 98 फीसदी तक सटीक रहे हैं।
कब डैमेज हो सकते हैं ये बिंदु?
चेहरे के ये 12 बिंदु आम परिस्थितियों में कभी नहीं बदलते, लेकिन कुछ खास मामलों में इनकी स्थिति बिगड़ सकती है, जैसे-
- कॉस्मेटिक सर्जरी करवाने पर ये बिंदु प्रभावित हो सकते हैं
- चेहरे पर तेजाब या आग से जलने पर
- किसी एक्सीडेंट में चेहरा कुचल जाने पर या चेहरे की हड्डियां अपनी जगह से खिसक जाने पर
अब काम आएगी AI तकनीक
अब रिसर्च में AI और मल्टी डायमेंशनल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अगर किसी वजह से चेहरे की ऊपरी सतह के बिंदु नष्ट भी हो जाते हैं, तो AI और मल्टी डायमेंशनल तकनीक की मदद से चेहरे की और ज्यादा गहराई में जाकर इन बिंदुओं को स्टडी किया जा सकेगा।





