नौतनवा (महराजगंज)। उत्तर प्रदेश के स्टांप एवं पंजीयन विभाग द्वारा ग्राहक सेवा केंद्र (सीएससी) के माध्यम से निबंधन कार्य कराए जाने के आदेश के विरोध में मंगलवार को नौतनवा तहसील के अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। रेवेन्यू बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश कुमार श्रीवास्तव एडवोकेट के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में धरना देकर सरकार के निर्णय के खिलाफ आवाज बुलंद की।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए राजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि यह आदेश अधिवक्ताओं के हितों के प्रतिकूल है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक सरकार इस आदेश को वापस नहीं लेती, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। रेवेन्यू बार एसोसिएशन के कनिष्ठ उपाध्यक्ष नागेंद्र प्रसाद शुक्ला एडवोकेट ने कहा कि प्रदेश सरकार अधिवक्ताओं के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है और उनके अधिकारों का अतिक्रमण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मंत्री दयानंद यादव के नेतृत्व में बैठक कर आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर न्यायिक कार्यों का बहिष्कार भी किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने सरकार एवं स्टांप-पंजीयन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आदेश वापस लेने की मांग की। अधिवक्ताओं का कहना था कि सीएससी के माध्यम से निबंधन कार्य कराए जाने से उनके पेशे और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इस अवसर पर डॉ. मनीष सिंह, विजय खेतान, दीपेंद्र प्रजापति, जितेंद्र कुमार, राम अंजोर यादव, सरदार सतपाल सिंह, सुनील कुमार, संजय सोनी, जगनारायण विश्वकर्मा, विजय कुमार, अरुण कुमार गिरी, कमलेश गौड़, साधु शरण मिश्र, अखिलेश कुमार उपाध्याय, लखन श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार, शशांक शुक्ला, मुकेश तिवारी, धर्मेंद्र तिवारी, कृष्ण कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे। यह संस्करण अधिक पेशेवर, संतुलित और प्रकाशन योग्य है।





