कर्ज और बहन के हाथ पीले करने की चिंता ने छीन ली इकलौते कमाऊ पूत की जिंदगी
महोबा। कोतवाली चरखारी क्षेत्र के करहरा खुर्द गांव में एक किसान ने साहूकारों के कर्ज और छोटी बहन की शादी की चिंता से परेशान होकर खेत के पास एक पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। किसान की मौत के बाद घर में कोहराम मच गया। परिवार में इकलौते कमाने वाली की मौत के बाद अब परिवार के सामाने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
करहरा खुर्द गांव निवासी अरविंद पाल (21) ने 2020 में अपनी बड़ी बहन क्रांति की शादी के लिए साहूकारों से करीब तीन लाख रुपये का कर्ज लिया था, लेकिन कभी ओलावृष्टि और अतिवृष्टि के चलते फसल कई सालों से बर्बाद होने के कारण किसान साहूकारों के कर्ज की अदायेगी नहीं कर सका। मात्र चार बीघा भूमि में फसल की पैदावार करके किसान परिवार को भरण पोषण करता था साथ में वह मजदूरी भी करता था। कर्ज लेने कुछ सालों तक तो साहूकारों ने सब्र किया, लेकिन अब साहूकार कर्ज के लिए किसान पर दबाव बनाने लगे। इधर छोट बहन रचना भी शादी के लायक हो गई थी, जिससे किसान साहूकारों की कर्ज अदायेगी और दूसरी तरफ बहन की शादी की ंिचंता को लेकर परेशान रहने लगा।
किसान ने मंगलवार को खेत के पास लगे एक पेड़ में फांसी का फंदा गले में डालकर आत्महत्या कर ली। किसान की मौत की खबर मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को नीचे उतारने के बाद पंचनामा भर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और घटना की जांच में जुट गई। चरखारी कोतवाली प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ बताया जाएगा।





